उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। मथुरा के गोविन्दनगर थाने से वांछित और ₹50 हजार के इनामी अपराधी मौ. शाहिद उर्फ कल्लू राठौर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पिछले कई वर्षों से चोरी की वारदातों में सक्रिय था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
उत्तर प्रदेश में फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ फील्ड यूनिट आगरा ने मथुरा पुलिस के सहयोग से ₹50 हजार के इनामी अपराधी मौहम्मद शाहिद उर्फ कल्लू राठौर को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी थाना गोविन्दनगर, जनपद मथुरा में दर्ज एक गंभीर चोरी के मामले में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस विभाग द्वारा ₹50,000 का पुरस्कार घोषित किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदलकर कानून की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था।
कहां और कब हुई गिरफ्तारी?
एसटीएफ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आरोपी को 8 जून 2026 की रात लगभग 8 बजकर 40 मिनट पर गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी जयरसिंहपुरा चौराहे के निकट पथवारी मंदिर जाने वाले मार्ग पर की गई। यह क्षेत्र थाना गोविन्दनगर, जनपद मथुरा के अंतर्गत आता है।
मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेरकर दबोच लिया।
कैसे बिछाया गया गिरफ्तारी का जाल?
उत्तर प्रदेश एसटीएफ को लगातार सूचना मिल रही थी कि कई फरार और इनामी अपराधी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हैं और नए अपराधों को अंजाम देने की तैयारी में हैं।
इसी को देखते हुए एसटीएफ मुख्यालय की ओर से विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और विशेष कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ फील्ड यूनिट आगरा राकेश के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम लगातार इनामी अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी।
8 जून को एसटीएफ टीम जनपद मथुरा में भ्रमणशील थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी शाहिद उर्फ कल्लू राठौर जयरसिंहपुरा चौराहे के पास मौजूद है।
सूचना मिलते ही टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी में शामिल रही STF टीम
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रजनीश चौधरी, मुख्य आरक्षी प्रशांत कुमार, मुख्य आरक्षी विवेक जादौन, आरक्षी प्रदीप चौधरी, आरक्षी हरपाल सिंह, आरक्षी मानवेन्द्र उपाध्याय तथा चालक आरक्षी महेश रावत शामिल रहे।
टीम की सतर्कता और सटीक सूचना तंत्र के चलते लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
पूछताछ में आरोपी ने खोले कई राज
गिरफ्तारी के बाद जब एसटीएफ ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने अपने आपराधिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए।
शाहिद उर्फ कल्लू राठौर ने बताया कि वह पिछले लगभग 15 वर्षों से चोरी की घटनाओं में सक्रिय है। वह मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में रहकर रात के समय घरों में घुसकर चोरी करता था।
उसने यह भी स्वीकार किया कि वह एक संगठित चोरी गिरोह के साथ जुड़ा हुआ था और अपनी टैक्सी का इस्तेमाल कर गिरोह के अन्य सदस्यों को विभिन्न जनपदों तक पहुंचाता था।
उसके अनुसार गिरोह मेरठ, मथुरा, गाजियाबाद और आसपास के अन्य क्षेत्रों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
मथुरा की चोरी के बाद हो गया था फरार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कुछ समय पहले उसने अपने साथियों के साथ मथुरा में चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था।
उस मामले में उसके कई साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा।
इसके बाद वह लगातार मेरठ, मथुरा और गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में छिपता रहा ताकि पुलिस उसकी लोकेशन का पता न लगा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी काफी शातिर था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था।
संगठित अपराध की आशंका
जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी अकेले काम नहीं करता था बल्कि एक सक्रिय चोरी गिरोह का हिस्सा था।
उसकी भूमिका केवल चोरी करने तक सीमित नहीं थी बल्कि वह गिरोह के सदस्यों के आवागमन और लॉजिस्टिक सपोर्ट में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
अब पुलिस उसके अन्य साथियों और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
शाहिद उर्फ कल्लू राठौर का आपराधिक रिकॉर्ड कई वर्षों पुराना है।
उसके खिलाफ निम्नलिखित मामले दर्ज हैं—
1. मथुरा मामला
- मुकदमा संख्या 397/2025
- धारा 305ए एवं 317(2) बीएनएस
- थाना गोविन्दनगर, जनपद मथुरा
2. मेरठ मामला
- मुकदमा संख्या 269/2013
- धारा 457, 380, 411 भारतीय दंड संहिता
- थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ
3. मेरठ मामला
- मुकदमा संख्या 259/2011
- धारा 457, 380, 411 भारतीय दंड संहिता
- थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ
4. गाजियाबाद मामला
- मुकदमा संख्या 105/2018
- धारा 63 आबकारी अधिनियम
- थाना लोनी कोतवाली, गाजियाबाद
इन मामलों से स्पष्ट है कि आरोपी लंबे समय से विभिन्न प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाना गोविन्दनगर, जनपद मथुरा में दर्ज मुकदमा संख्या 397/2025 के तहत दाखिल कर दिया गया है।
स्थानीय पुलिस अब उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह, सहयोगियों और अन्य लंबित मामलों की जानकारी जुटाई जा सके।
एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई और चोरी की घटनाओं तथा संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग सामने आ सकते हैं।
प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। लंबे समय से फरार चल रहे इनामी अपराधी की गिरफ्तारी से न केवल मथुरा पुलिस बल्कि मेरठ और गाजियाबाद पुलिस को भी कई पुराने मामलों की जांच में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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