लखनऊ में STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 किलो गांजा के साथ एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया। बरामद माल की कीमत करीब 52 लाख रुपये बताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 30 मार्च की देर रात की गई कार्रवाई में STF ने अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 200 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 52 लाख रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजीत कुमार पुत्र बिलास यादव के रूप में हुई है, जो नालंदा जिले के गिरियक थाना क्षेत्र के घोसाराव गांव का निवासी है।
STF को पिछले कुछ दिनों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि विभिन्न राज्यों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। इन सूचनाओं के आधार पर STF की अलग-अलग इकाइयों को सतर्क किया गया था और अभिसूचना संकलन तेज कर दिया गया था।
इसी क्रम में STF मुख्यालय लखनऊ की एक टीम, अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में सक्रिय थी। टीम में उपनिरीक्षक तेज बहादुर सिंह, पीयूष पाठक, हरीश सिंह चौहान समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे।

30 मार्च की रात करीब 11:55 बजे STF को पुख्ता सूचना मिली कि एक ट्रेलर (नंबर JH-05AP-4295) में ओडिशा से भारी मात्रा में गांजा लोड कर सुल्तानपुर रोड होते हुए लखनऊ लाया जा रहा है। यह भी जानकारी मिली कि इस खेप को सुल्तानपुर-लखनऊ रोड पर एसपीएल के पास बनी सर्विस लेन के किनारे किसी सुनसान स्थान पर उतारा जाएगा।
सूचना मिलते ही STF टीम ने मौके पर घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रेलर को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रेलर में छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद चालक अजीत कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामदगी में मिला
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 200 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके अलावा एक महिंद्रा ट्रेलर, एक मोबाइल फोन, ड्राइविंग लाइसेंस, एसबीआई डेबिट कार्ड और 1650 रुपये नकद भी बरामद किए गए।
गुप्त कैविटी में छिपाकर होती थी तस्करी
पूछताछ में आरोपी अजीत कुमार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि झारखंड के रहने वाले टीपू और तुफान इस पूरे नेटवर्क के संचालक हैं और वही ट्रेलर के मालिक भी हैं।

उनके निर्देश पर ओडिशा से गांजा लोड कराया जाता था और फिर लोकेशन के जरिए बताया जाता था कि माल कहां पहुंचाना है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि ट्रेलर में एक विशेष गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसमें करीब 5 क्विंटल तक गांजा छिपाया जा सकता था। इसी कैविटी में मादक पदार्थ छिपाकर तस्करी की जाती थी, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।
अजीत ने यह भी बताया कि वह इस गिरोह के लिए पहले भी 3 से 4 बार गांजा की खेप ला चुका है और हर ट्रिप के बदले उसे 40 से 50 हजार रुपये मिलते थे।
गिरोह के सरगनाओं की तलाश जारी
फिलहाल STF ने मुख्य आरोपियों टीपू और तुफान की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है।

कानूनी कार्रवाई शुरू
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना सुशांत गोल्फ सिटी में मामला दर्ज किया गया है। इस पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 08, 20, 25, 29 और 60 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल STF की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अंतरराज्यीय तस्करी के नेटवर्क कितने संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत हो चुके हैं।
हालांकि, इस सफलता के बावजूद असली चुनौती अभी बाकी है—गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचना।
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