दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में आधी रात हाईवे डकैती और किडनैपिंग की सनसनीखेज वारदात सामने आई। बाइक से घर लौट रहे युवक को कार सवार बदमाशों ने अगवा कर चलती गाड़ी में बेरहमी से पीटा और लूटपाट कर सड़क किनारे फेंक दिया। लेकिन दिल्ली पुलिस ने कुछ ही घंटों में बड़ा ऑपरेशन चलाकर 6 आरोपियों को दबोच लिया।
दिल्ली के नरेला इलाके में आधी रात हाईवे पर हुई एक खौफनाक वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी। बाइक से घर लौट रहे एक युवक को कार सवार बदमाशों ने पहले रोका, फिर अगवा कर चलती कार में बेरहमी से पीटा और लूटपाट कर सड़क किनारे फेंक दिया।
हालांकि वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर दिल्ली पुलिस ने तेजी दिखाते हुए पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस केस में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद मारुति सुजुकी Fronx कार भी बरामद कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना 26 और 27 मई 2026 की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित युवक होलंबी खुर्द का रहने वाला है और शाहबाद डेयरी में काम करता है।
रात में वह अपनी Pulsar 125 बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही युवक छोटी मेट्रो कट UER-II, होलंबी खुर्द इलाके के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रही एक सफेद Maruti Suzuki Fronx कार ने उसकी बाइक को रोक लिया।
कार में सवार चार युवक तेजी से बाहर निकले और उन्होंने पीड़ित को दबोच लिया। आरोपी युवक को जबरदस्ती कार के अंदर खींचकर ले गए।

चलती कार में बेरहमी से पीटा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने चलती कार में पीड़ित के साथ मारपीट की। उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और उसकी बाइक भी लूट ली गई।
इसके बाद आरोपियों ने युवक को नरेला स्थित हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित के भाई ने तुरंत PCR कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
तुरंत हरकत में आई दिल्ली पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(2), 126(2), 138 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
हाईवे डकैती और अपहरण जैसी गंभीर वारदात को देखते हुए ACP नरेला राकेश कुमार की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई।
इस टीम का नेतृत्व SHO इंस्पेक्टर मनोज यादव ने किया।
CCTV और टेक्निकल सर्विलांस से मिला बड़ा सुराग
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए इलाके के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों की फुटेज प्राथमिकता के आधार पर जांची गई।
इसके साथ ही पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली।

लगातार सर्च ऑपरेशन और फील्ड इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है —
- अंकित (24 वर्ष) निवासी सोनीपत, हरियाणा
- हर्ष (21 वर्ष) निवासी नांगल ठाकरान, दिल्ली
- सुधीर (28 वर्ष) निवासी सोनीपत, हरियाणा
- संकेत (19 वर्ष) निवासी सोनीपत, हरियाणा
इसके अलावा दो नाबालिग आरोपियों को भी पकड़ा गया है।
पहले भी अपराध में शामिल रहे कुछ आरोपी
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके हैं।
आरोपी हर्ष के खिलाफ पहले Arms Act के तहत मामला दर्ज है। वहीं अंकित भी हरियाणा में एक पुराने आपराधिक मामले में शामिल बताया जा रहा है।
क्या-क्या बरामद हुआ?
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से —
- वारदात में इस्तेमाल सफेद Maruti Suzuki Fronx कार
- पीड़ित की Pulsar 125 मोटरसाइकिल
- पीड़ित का Vivo मोबाइल फोन
बरामद कर लिया है।

नाबालिग भेजे गए ऑब्जर्वेशन होम
पुलिस ने चारों वयस्क आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि दोनों नाबालिग आरोपियों को ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है।
क्या दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर सक्रिय है बड़ा गैंग?
अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह गैंग दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर सक्रिय किसी बड़े हाईवे लूट नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं।
जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी अन्य हाईवे लूट और किडनैपिंग की घटनाओं में भी शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली पुलिस की तेजी की हो रही सराहना
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है। जिस तेजी से पुलिस ने CCTV, टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर आरोपियों को पकड़ा, उसने एक बार फिर पुलिस की सक्रियता को साबित किया है।
हालांकि यह घटना देर रात हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े करती है।
अब आगे की जांच में यह साफ होगा कि यह गैंग सिर्फ एक वारदात तक सीमित था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा अपराध नेटवर्क काम कर रहा था।
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