ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के तहत शहर को धूल मुक्त बनाने के लिए 24 जून से 11 जुलाई तक विशेष संयुक्त सफाई अभियान शुरू किया है। पहले चरण में 37 प्रमुख सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव, मलबा हटाने, फुटपाथ सफाई और सड़क मरम्मत का कार्य किया जाएगा। अभियान में स्वास्थ्य, परियोजना और उद्यान विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने और सड़कों पर उड़ने वाली धूल की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक व्यापक और विशेष संयुक्त सफाई अभियान की शुरुआत कर दी है। यह अभियान केवल नियमित सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से शहर की प्रमुख सड़कों को पूरी तरह "डस्ट फ्री" बनाने की दिशा में काम करेगा।
प्राधिकरण ने यह विशेष अभियान 24 जून से शुरू किया है, जो 11 जुलाई तक लगातार चलेगा। अभियान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है, ताकि ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण के सबसे बड़े स्रोतों में शामिल सड़क की धूल को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एनजी रवि कुमार ने इस अभियान को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए परियोजना विभाग और उद्यान विभाग को भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
प्राधिकरण का मानना है कि जब तक सड़कों, फुटपाथों, सेंट्रल वर्ज, हरित क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर एक साथ काम नहीं होगा, तब तक धूल की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसी सोच के साथ इस अभियान को कंपोजिट क्लीनिंग ड्राइव का स्वरूप दिया गया है।

विशेष अभियान के पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 37 प्रमुख सड़कों और आंतरिक मार्गों को चुना गया है।
इनमें प्रमुख रूप से एपेक्स कोर्ट सोसाइटी से एसकेए ग्रीन सोसाइटी, एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी, एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन, सीवीटेक सोसाइटी से एल्डिको सोसाइटी, जीएनआईडीए फ्लैट से आयरिश प्लैटिनम, ईकोटेक-12 की आंतरिक सड़कें, सेंट टेरेसा कॉन्वेंट स्कूल से सर्वोत्तम स्कूल, सेक्टर-2, सेक्टर-16 और सेक्टर-36 की आंतरिक सड़कें, हनुमान मंदिर से हिंडन ब्रिज, राइस पुलिस चौकी से चार मूर्ति, नॉलेज पार्क-5, गोल्फ कोर्ट रोटरी से डीपीएस रोटरी, 130 मीटर रोड, सूरजपुर एंट्री पॉइंट से कासना टी-पॉइंट, जीटा-1, साकीपुर गोलचक्कर से ईटा-2 रोटरी, पाई-2, डीएमआईसी से डाढ़ा गोलचक्कर तथा दादरी रेलवे लाइन से कुलेसरा तक के मार्ग शामिल हैं।
इन सभी सड़कों पर चरणबद्ध तरीके से विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।
सिर्फ झाड़ू नहीं, आधुनिक तकनीक से होगी सफाई
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक (स्वास्थ्य) एवं अभियान के नोडल अधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि यह सामान्य सफाई अभियान नहीं है।
इसके अंतर्गत—
- मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई
- मैनुअल स्वीपिंग
- फुटपाथ एवं सेंट्रल वर्ज की सफाई
- सड़क किनारे जमा धूल एवं मलबे को हटाना
- वॉटर स्प्रिंकलर और वॉटर टैंकर के माध्यम से नियमित पानी का छिड़काव
- सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत
- सफाई के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा "नो डस्ट" प्रमाणन
जैसे कई कार्य एक साथ किए जाएंगे।
विशेष बात यह है कि किसी सड़क की सफाई एक बार करके उसे छोड़ नहीं दिया जाएगा, बल्कि हर आठ दिन बाद दोबारा उसी सड़क की सफाई कराई जाएगी, जिससे धूल दोबारा जमा न हो।

स्थायी समाधान की दिशा में भी काम
प्राधिकरण केवल तत्काल सफाई तक सीमित नहीं रहना चाहता। इसी कारण स्थायी समाधान के रूप में एंड-टू-एंड पेवमेंट तथा सड़क किनारे ग्रासिंग (घास लगाने) की योजना भी तैयार की गई है।
इन कार्यों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि खुली मिट्टी कम हो और भविष्य में धूल बनने की संभावना भी घटे।
अभियान की शुरुआत के साथ ही मैदान में उतरी टीमें
बृहस्पतिवार को अभियान के पहले दिन ही कई प्रमुख मार्गों पर मशीनों और सफाई कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया।
एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी तथा एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन तक के मार्गों पर मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, मलबा हटाने और पानी के छिड़काव का कार्य किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सफाई कार्यों का निरीक्षण भी किया।
शहरवासियों से भी मांगा सहयोग
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) श्रीलक्ष्मी वीएस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि यदि सड़कों पर निर्माण सामग्री, मलबा या कूड़ा अनावश्यक रूप से फैलाया जाएगा तो सफाई अभियान का उद्देश्य प्रभावित होगा। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने तथा शहर को साफ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने में भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि एनसीआर क्षेत्र में सड़क की धूल (Road Dust) वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। ऐसे में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया यह अभियान केवल सफाई कार्यक्रम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
यदि अभियान निर्धारित योजना के अनुसार सफल रहता है तो आने वाले समय में शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार, धूलजनित बीमारियों में कमी और नागरिकों को अधिक स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण का कहना है कि सभी विभागों के संयुक्त प्रयास और नागरिकों के सहयोग से ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और धूल मुक्त शहर बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
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