आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने डिजिटल प्रचार पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। बिना प्री-सर्टिफिकेशन कोई भी राजनीतिक विज्ञापन जारी नहीं किया जा सकेगा।
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर Election Commission of India (ECI) ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है, जिससे राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के डिजिटल प्रचार पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी राजनीतिक विज्ञापन—चाहे वह टीवी, रेडियो, अखबार या सोशल मीडिया पर हो—बिना पूर्व प्रमाणन (Pre-certification) के जारी नहीं किया जा सकेगा।
ECI ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव और उपचुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। इसी के साथ चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
आयोग के आदेश के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों, संगठनों और उम्मीदवारों को अपने विज्ञापनों को जारी करने से पहले Media Certification and Monitoring Committee (MCMC) से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा। यह नियम डिजिटल प्लेटफॉर्म—जैसे सोशल मीडिया, वेबसाइट्स, SMS और वॉइस मैसेज—पर भी लागू होगा।

स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार बिना MCMC की अनुमति के इंटरनेट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन जारी नहीं कर सकता। ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
उम्मीदवारों को नामांकन के समय अपने सभी असली (authentic) सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी शपथपत्र में देनी होगी। इससे फर्जी अकाउंट्स और भ्रामक प्रचार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
MCMC को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह मीडिया में “पेड न्यूज” के संदिग्ध मामलों पर कड़ी नजर रखे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करे।
Representation of the People Act, 1951 की धारा 77(1) और Supreme Court of India के निर्देशों के तहत, सभी राजनीतिक दलों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए किए गए प्रचार पर हुए खर्च का पूरा विवरण चुनाव समाप्ति के 75 दिनों के भीतर ECI को देना होगा।
अगर किसी उम्मीदवार या पार्टी को MCMC के फैसले से असहमति है, तो वे राज्य स्तर पर गठित अपीलीय समिति में अपील कर सकते हैं, जिसकी अध्यक्षता CEO (Chief Electoral Officer) करते हैं।
ECI का कहना है कि ये कदम फेक न्यूज, भ्रामक जानकारी और डिजिटल प्रचार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बेहद जरूरी हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें भी इन नियमों के पालन के लिए जागरूक किया गया।
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