SGPGIMS लखनऊ और बेनेट यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा ने 10 फरवरी को AI-ड्रिवन हेल्थकेयर रिसर्च और एकेडमिक सहयोग के लिए MoU साइन किया। इस साझेदारी का उद्देश्य क्लिनिकल रिसर्च और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन को नई दिशा देना है।
संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS), लखनऊ और बेनेट यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा ने 10 फरवरी को हेल्थकेयर में एकेडमिक सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता SGPGIMS के निदेशक प्रो. आर. के. धीमन और बेनेट यूनिवर्सिटी के डिप्टी डीन प्रो. तपस बादल के बीच औपचारिक रूप से आदान-प्रदान किया गया।

इस सहयोग का उद्देश्य AI-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स के विकास और क्रियान्वयन को आसान बनाना है, जिससे मेडिकल साइंसेज में एकेडमिक एक्सचेंज, क्लिनिकल रिसर्च और तकनीकी प्रगति को मजबूती मिलेगी। प्रो. आर. के. धीमन ने कहा कि यह साझेदारी नई तकनीकों को अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे सटीक डायग्नोसिस और बेहतर उपचार के नए रास्ते खुलेंगे।

समारोह में SGPGIMS के डीन प्रो. शालीन कुमार, प्रो. अर्चना गुप्ता (रेडियोडायग्नोसिस), प्रो. अवधेश जायसवाल (न्यूरोसर्जरी), प्रो. अरुण श्रीवास्तव (एपेक्स ट्रॉमा सेंटर), प्रो. मोहन गुर्जर (क्रिटिकल केयर), प्रो. अतुल गर्ग (रिसर्च इंचार्ज) सहित डॉ. अनिल सिंह और डॉ. सूर्यकांत उपस्थित रहे।

कोलेबोरेटिव रिसर्च का नेतृत्व न्यूरोसर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश मौर्य करेंगे, जबकि बेनेट यूनिवर्सिटी से डॉ. उमेश कुमार गुप्ता साझेदारी निभाएंगे। वर्तमान प्रोजेक्ट ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी के बाद ब्रेन कंट्यूज़न की प्रगति का AI-आधारित प्रेडिक्टिव मॉडल विकसित करने पर केंद्रित है, जिससे मरीजों के प्रोग्नोसिस और क्लिनिकल परिणाम बेहतर हो सकें।

यह MoU मेडिकल और टेक्नोलॉजिकल संस्थानों के बीच इंटरडिसिप्लिनरी सहयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जो AI-सक्षम हेल्थकेयर और भविष्य उन्मुख मेडिकल शिक्षा को नई गति देगा।
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