नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मीडिया वार्ता में नागरिकों से ऑनलाइन स्वगणना में भाग लेने की अपील की। 7 मई से 21 मई 2026 तक लोग स्वयं वेबसाइट पर अपनी जनगणना कर सकते हैं, जबकि 22 मई से घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
Noida Authority की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) VANDNA TRIPATHI ने शुक्रवार को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करते हुए जनगणना 2026 के तहत शुरू हुई स्वगणना यानी Self Enumeration प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन स्वगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी और सटीक बनाया जा सके।
मीडिया वार्ता के दौरान बताया गया कि 7 मई 2026 से 21 मई 2026 तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट www.se.census.gov.in उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने कहा कि यह डिजिटल पहल न केवल जनगणना प्रक्रिया को तेज और सरल बनाएगी, बल्कि लोगों का समय भी बचाएगी।
वार्ता के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों की मौके पर ही स्वगणना कर प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन Self Enumeration करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक विशेष SE-ID प्रदान की जाएगी। भविष्य में जब जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे, तब नागरिकों को केवल यही SE-ID साझा करनी होगी। इससे दोबारा पूरी जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और जनगणना प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज हो सकेगी।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध विकास योजनाओं, सरकारी संसाधनों के वितरण और भविष्य की नीतियों से जुड़ा होता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही तैयार की जाती हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना अधिनियम के तहत प्राप्त सूचनाएं केवल सांख्यिकीय और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती हैं और इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाता।
नोएडा प्राधिकरण की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक प्रगणक यानी Enumerator घर-घर जाकर जनगणना करेंगे। इस दौरान नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे जनगणना कर्मियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और प्रक्रिया में पूरा सहयोग दें।

अधिकारियों ने कहा कि जनगणना कार्य देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसमें आमजन का सहयोग बेहद जरूरी होता है। यदि नागरिक सही जानकारी देंगे तो सरकार को योजनाएं बनाने और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान समय में जनगणना कर्मियों की ट्रेनिंग प्रक्रिया जारी है। प्रगणकों को डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह, नागरिकों से संवाद और गोपनीयता संबंधी नियमों की विशेष जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो कर्मचारी बिना उचित कारण प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण की इस पहल को डिजिटल इंडिया और स्मार्ट प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन Self Enumeration से नागरिकों को सुविधा मिलने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।

मीडिया वार्ता के दौरान लोगों को यह भी समझाया गया कि यदि वे पहले से ऑनलाइन स्वगणना कर लेते हैं तो भविष्य में जनगणना कर्मियों के आने पर प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। इससे न केवल नागरिकों का समय बचेगा, बल्कि जनगणना कर्मियों का कार्यभार भी कम होगा।
बैठक में Indru Prakash Singh और Deepak Kumar भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने मीडिया के माध्यम से नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना को केवल सरकारी प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे देश और समाज के विकास में अपनी भागीदारी के रूप में देखें।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों जैसे नोएडा में सटीक जनसंख्या आंकड़े भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। बढ़ती आबादी, आवास, ट्रैफिक, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए सही जनगणना डेटा की बड़ी भूमिका होती है।
नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय में ऑनलाइन स्वगणना अवश्य करें और घर-घर आने वाले प्रगणकों को सहयोग देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं।
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