गाजियाबाद के डासना क्षेत्र में जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम सभा की लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर बने अवैध मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने कब्जाधारियों पर 1.23 करोड़ रुपये हर्जाना लगाने और आगे भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत गाजियाबाद जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए डासना क्षेत्र में ग्राम सभा की भूमि पर निर्मित एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का दावा है कि यह निर्माण लगभग एक हेक्टेयर सरकारी भूमि पर बिना वैध अधिकार के किया गया था। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, राजस्व अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे परिसर को कब्जामुक्त कराया गया।
प्रशासन के अनुसार, ध्वस्त किया गया परिसर मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम के नाम से संचालित था। यह परिसर ग्राम डासना के खसरा संख्या 1548ख की भूमि पर बनाया गया था, जो राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा अथवा सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है।
एक हेक्टेयर भूमि पर खड़ा था पूरा परिसर
अधिकारियों के मुताबिक, लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर निर्मित इस परिसर में सात बड़े कमरे, दो शौचालय, एक विद्युत कक्ष, दो टिन शेड वाले कमरे, निर्माणाधीन हिस्से और चारदीवारी मौजूद थी। इसके अलावा परिसर में पार्क जैसी संरचनाएं भी विकसित की गई थीं।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 से इस भूमि पर अनधिकृत रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया था। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू हुई और राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया गया।

2023 में शुरू हुई थी कानूनी प्रक्रिया
प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, यह कार्रवाई हल्का लेखपाल एवं भूमि प्रबंधक समिति के सचिव द्वारा 24 जनवरी 2023 को प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि ग्राम डासना के खसरा संख्या 1548ख की कुल 5.2490 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकॉर्ड में "ऊसर" श्रेणी में दर्ज है और ग्राम सभा की संपत्ति है।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि मदरसा प्रबंधन द्वारा लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर पक्का निर्माण कर अनधिकृत कब्जा किया गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 67 के तहत वाद दर्ज किया गया और संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया कब्जा
राजस्व अधिकारियों के अनुसार, 24 जनवरी 2023 को जारी नोटिस 4 फरवरी 2023 को संबंधित पक्ष को तामील करा दिया गया था। बाद में समय मांगते हुए प्रार्थना पत्र भी दिया गया। जुलाई 2023 में स्थानीय ग्रामीणों की ओर से भी आपत्तियां प्रस्तुत की गईं।
सुनवाई के दौरान भूमि प्रबंधक समिति की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि संबंधित भूमि सरकारी है और उस पर मदरसे का कब्जा अनधिकृत है।
अधिकारियों ने बताया कि वाद की जानकारी होने के बावजूद संबंधित पक्ष द्वारा प्रभावी पैरवी नहीं की गई, जिससे न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय पारित किया।

1.23 करोड़ रुपये हर्जाना लगाने का आदेश
तहसीलदार (न्यायिक) एवं असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी, गाजियाबाद द्वारा पारित आदेश में मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम को विवादित भूमि से बेदखल करने का निर्देश दिया गया। साथ ही ग्राम सभा को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1 करोड़ 23 लाख रुपये का हर्जाना भी निर्धारित किया गया।
आदेश में यह भी कहा गया कि बेदखली होने तक इसी दर से जुर्माना देय रहेगा। इसके अतिरिक्त वाद व्यय के रूप में राशि भी निर्धारित की गई।
संचालक के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
प्रशासन ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद भूमि खाली नहीं कराई गई और वर्ष 2025 तक मदरसे का संचालन जारी रहा। इस मामले में संबंधित संचालक फारूख बेग, निवासी दिल्ली के खिलाफ भी सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में अवैध निर्माण और बिना अनुमति संचालित गतिविधियों से संबंधित कानूनी कार्रवाई पहले से चल रही है।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि जो व्यक्ति या संस्थाएं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर राजस्व को नुकसान पहुंचा रही हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार वसूली के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मीडिया प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज सरकारी संपत्तियों की पहचान कर ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
डासना में हुई यह कार्रवाई गाजियाबाद जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की प्रमुख कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि सरकारी भूमि पर किए गए किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण के खिलाफ प्रशासन भविष्य में भी सख्त रुख अपनाएगा।
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