महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना अधिकारी की पत्नी के साथ कथित रेप, ब्लैकमेलिंग, काला जादू और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में नया मोड़ आया है। लंबे समय से फरार चल रहे मौलाना मजरत महमूद मकसूद ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के साथ कथित तौर पर रेप, ब्लैकमेलिंग, मारपीट और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस चर्चित मामले में लंबे समय से फरार चल रहे तीसरे आरोपी मौलाना मजरत महमूद मकसूद ने बुधवार देर रात सोनेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया और अब उससे गहन पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी मौलाना को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसियां उसकी पुलिस रिमांड की मांग कर सकती हैं। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से मामले के कई अनसुलझे पहलुओं पर प्रकाश पड़ सकता है।
पहले से हिरासत में हैं मुख्य आरोपी
इस मामले में मुख्य आरोपी अयाज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले से पुलिस हिरासत में हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दोनों ने मिलकर उसे मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया। वहीं गिरफ्तार मौलाना पर आरोप है कि उसने कथित धर्मांतरण और निकाह की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
पुलिस का मानना है कि मौलाना से पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जा सकेगा कि धर्म परिवर्तन और निकाह से संबंधित दस्तावेज किस प्रकार तैयार किए गए तथा इस पूरी प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
एफआईआर के अनुसार यह मामला 8 फरवरी 2025 से जुड़ा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात उसके पुराने सहपाठी अयाज मदारे से एक होटल में हुई थी। वहीं अयाज ने कथित तौर पर उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिला दिया।

महिला का आरोप है कि नशे की हालत में उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए गए। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के आधार पर उसे लगातार ब्लैकमेल किया गया। आरोपी कथित रूप से उसे धमकी देता था कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो उसके पति को भेज दिए जाएंगे और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।
पीड़िता के अनुसार इसी दबाव का फायदा उठाकर आरोपी ने कई बार उसका यौन शोषण किया।
4 लाख रुपये वसूली का भी आरोप
महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने न केवल उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया बल्कि उससे लगभग 4 लाख रुपये भी जबरन वसूल लिए।
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपी लगातार धमकियां देकर पैसे मांगते रहे और महिला डर तथा सामाजिक बदनामी के भय से उनकी मांगें पूरी करती रही।
वीडियो बना अहम सबूत
जांच में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे पुलिस महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देख रही है। पीड़िता का दावा है कि वीडियो में वह रोते हुए आरोपी से उसे छोड़ देने की गुहार लगा रही है।
बताया जा रहा है कि वीडियो में आरोपी महिला के हाथ पकड़कर कुछ धार्मिक मंत्रों का उच्चारण करता दिखाई देता है। महिला बार-बार स्वयं को छुड़ाने का प्रयास करती नजर आती है। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान उसे जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से दबाव में रखा गया।
काला जादू और सम्मोहन के आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसके अनुसार अयाज अक्सर एक प्लास्टिक की बोतल में कोई तरल पदार्थ लेकर आता था और उसे जबरन पिलाता था।
पीड़िता का कहना है कि इसके बाद आरोपी उर्दू में कुछ पढ़ता था, उसके चेहरे पर फूंक मारता था और दावा करता था कि वह सम्मोहन तथा काला जादू कर रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसके साथ यौन उत्पीड़न किया जाता था।
हालांकि पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है।

जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह का आरोप
एफआईआर के मुताबिक 31 मई 2025 को आरोपी अयाज मदारे और उसके सहयोगी महिला को कथित रूप से जबरन नागपुर से कलमेश्वर क्षेत्र लेकर गए।
महिला का आरोप है कि वहां मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया गांव से जुड़े मौलाना मजरत महमूद मकसूद ने धार्मिक अनुष्ठान कराए। पीड़िता के अनुसार उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक प्रक्रिया में शामिल किया गया और "कुबूल है" कहने के लिए दबाव डाला गया।
महिला का दावा है कि अनुष्ठान पूरा होने के बाद मौलाना ने घोषणा की कि उसने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया है तथा उसका अयाज मदारे के साथ निकाह संपन्न हो गया है।
पीड़िता का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया उसकी सहमति के बिना और पूरी तरह दबाव में कराई गई।
पुलिस की जांच अब किन बिंदुओं पर केंद्रित?
मौलाना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच कर रही है। इनमें कथित निकाहनामा की वैधता, धर्म परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज, अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की योजना शामिल है।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसी तरह की किसी अन्य घटना में भी आरोपी या उसके सहयोगी शामिल रहे हैं। यदि जांच में ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।
मामले ने खड़े किए कई सवाल
यह मामला सामने आने के बाद नागपुर समेत पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस जांच के दायरे में हैं और अब सबकी निगाहें अदालत की कार्यवाही तथा पुलिस जांच के अगले चरण पर टिकी हुई हैं।
COMMENTS