नोएडा के सेक्टर-126 क्षेत्र में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय चोर, उसके सहयोगी जीजा और चोरी का माल खरीदने वाले सुनार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, लैपटॉप, दस्तावेज और चोरी में प्रयुक्त कार बरामद की गई है।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बार फिर तेज कार्रवाई और तकनीकी जांच के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने घरों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चोरी करने वाला मुख्य आरोपी, उसका सहयोगी और चोरी का माल खरीदने वाला सुनार शामिल है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के आभूषण, 3 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, आधार कार्ड, पैन कार्ड, चोरी में इस्तेमाल की गई कार, ताला तोड़ने का सरिया और एक अवैध चाकू बरामद किया है।
क्या था पूरा मामला?
9 जून 2026 को सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोर सोने-चांदी के आभूषण, तीन लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप चोरी कर ले गए हैं। इस शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-126 में मुकदमा संख्या 94/2026 दर्ज किया गया।
इससे पहले 8 मई 2026 को भी इसी थाना क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति ने घर से दो लैपटॉप, एक अमेजन किंडल और नकदी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने उस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
दोनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और जांच तेज कर दी।
60 सीसीटीवी कैमरों ने खोला राज
पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे लगभग 50 से 60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल जांच के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
जांच के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर 10 जून को पुलिस ने गुप्त सूचना के बाद सेक्टर-131 स्थित गढ़ी शाहपुर गांव के सामने पुश्ता रोड पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी शुभम उर्फ काकू, गौतमबुद्धनगर निवासी राहुल शर्मा और दनकौर निवासी सुनार सचिन वर्मा के रूप में हुई है।
दिन में रेकी, रात में चोरी
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी शुभम उर्फ काकू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह नशे का आदी है और पहले भी कई बार जेल जा चुका है।
शुभम दिन के समय ऐसे मकानों की तलाश करता था जिनमें ताला लगा हो। वह कई दिनों तक इलाके की रेकी करता और जब उसे यकीन हो जाता कि घर खाली है, तब मौका देखकर लोहे के सरिए से ताला तोड़ देता था।
इसके बाद वह घर के अंदर रखी नकदी, ज्वेलरी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाता था।
पुलिस के अनुसार ग्राम बख्तावरपुर में हुई चोरी की घटना को भी इसी तरीके से अंजाम दिया गया था।
जीजा और सुनार की मिलीभगत
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी का माल ठिकाने लगाने में शुभम का सगा जीजा राहुल शर्मा उसकी मदद करता था।
शुभम चोरी की ज्वेलरी राहुल को देता था और राहुल उसे बेचने की व्यवस्था करता था। इसी क्रम में चोरी का माल सुनार सचिन वर्मा तक पहुंचा।
पुलिस जांच में पता चला कि सचिन वर्मा को माल चोरी का होने की जानकारी थी। इसके बावजूद उसने लालच में चोरी की चैन और अंगूठी को गलाकर बेच दिया था। बाकी ज्वेलरी खरीदने की तैयारी चल रही थी।
पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो चोरी के कई अहम सबूत हमेशा के लिए नष्ट हो सकते थे।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का भारी मात्रा में सामान बरामद किया है।

बरामदगी में एक जोड़ी पायल, एक मंगलसूत्र, एक चैन, दो अंगूठियां, एक जोड़ी झुमकी, तीन लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, तीन आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, चोरी में प्रयुक्त कार, ताला तोड़ने का लोहे का सरिया और एक अवैध चाकू शामिल हैं।
लंबा है मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शुभम उर्फ काकू कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ मेरठ, गौतमबुद्धनगर और अन्य जिलों में चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट तथा अन्य गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
उस पर घरों में चोरी, अवैध हथियार रखने और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस के अनुसार वह एक शातिर अंतरराज्यीय चोर है जो लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था।
पुलिस कर रही आगे की जांच
फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ और एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में हुई चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल चोरी की दो बड़ी घटनाओं का सफल खुलासा है, बल्कि उन अपराधियों के लिए भी कड़ा संदेश है जो बंद घरों को आसान निशाना समझकर कानून को चुनौती देने की कोशिश करते हैं।
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