उत्तर रेलवे ने परिचालन प्रबंधन और यात्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई तकनीकी पहलों की शुरुआत की है। नई दिल्ली स्थित बड़ौदा हाउस में आयोजित सम्मेलन में महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने ‘RailSafe’ YouTube चैनल लॉन्च किया। सम्मेलन में डिजिटल मॉनिटरिंग, सुरक्षा अभियानों, रीयल-टाइम रिपोर्टिंग और माल ढुलाई में आधुनिक मॉडल्स को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तुत की गईं।
भारतीय रेलवे लगातार तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी दिशा में उत्तर रेलवे ने अपने परिचालन प्रबंधन और सुरक्षा प्रणाली को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को नई दिल्ली स्थित बड़ौदा हाउस में ट्रेन संचालन एवं परिचालन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इस सम्मेलन में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (PCOM) श्रीमती मोनिका अग्निहोत्री सहित दिल्ली, अंबाला, फिरोजपुर, लखनऊ, मुरादाबाद और जम्मू मंडलों के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधकों (Sr. DOMs) ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य परिचालन प्रबंधन की समीक्षा करना, जमीनी स्तर की समस्याओं को समझना तथा तकनीकी नवाचारों के माध्यम से रेलवे संचालन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना था।
सम्मेलन के दौरान उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पांडे ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए “RailSafe” नामक एक विशेष YouTube चैनल लॉन्च किया। यह चैनल रेलवे के फ्रंटलाइन कर्मचारियों को सुरक्षित ट्रेन संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कर्मचारियों को ट्रेन संचालन की बारीकियों, सुरक्षा प्रक्रियाओं और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के आधुनिक तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे नेटवर्क जितना बड़ा होता जा रहा है, उतनी ही अधिक सतर्कता और तकनीकी दक्षता की आवश्यकता भी बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन की विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सम्मेलन में विभिन्न मंडलों द्वारा लागू की गई तकनीकी पहलों और सुरक्षा अभियानों की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। सभी वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में समय-पालन, माल ढुलाई, स्टेशन प्रबंधन और सुरक्षा मानकों में हुए सुधारों की जानकारी साझा की।

जम्मू मंडल का ‘AARAV’ सिस्टम बना आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन में जम्मू मंडल द्वारा विकसित “AARAV” यानी Automated Alert and Real-time Analysis Verification System विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह एक मोबाइल-आधारित डिजिटल टूल है, जिसे स्टेशन वर्किंग ग्रुप के तहत विकसित किया गया है।
इस सिस्टम के माध्यम से अधिकारी किसी भी तकनीकी कमी या समस्या को रीयल-टाइम में दर्ज कर सकते हैं। संबंधित विभाग जैसे इंजीनियरिंग, S&T या वाणिज्यिक विभाग का चयन करने के बाद यह सिस्टम स्वतः संबंधित शाखा अधिकारी और सुपरवाइजर को सूचना भेज देता है, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव हो पाती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहल फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
फिरोजपुर मंडल ने बढ़ाया बासमती चावल निर्यात
सम्मेलन में फिरोजपुर मंडल की “हब एंड स्पोक मॉडल” पहल की भी सराहना की गई। इस मॉडल के माध्यम से पंजाब के विभिन्न हिस्सों से बासमती चावल को कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद तक प्रतिस्पर्धी दरों पर रेलवे के जरिए पहुंचाया जा रहा है।
वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, फिरोजपुर ने जानकारी दी कि 04 मई 2025 को इस मॉडल के तहत पांचवीं बड़ी लोडिंग की गई, जिसमें 1,350 मीट्रिक टन बासमती चावल फिल्लौर से हैदराबाद और चेन्नई भेजा गया। यह पहल सड़क परिवहन का बेहतर विकल्प बनकर उभरी है और इससे माल ढुलाई को नई गति मिली है।

दिल्ली मंडल का छह-सूत्रीय सुरक्षा अभियान
दिल्ली मंडल द्वारा लागू छह-सूत्रीय सुरक्षा अभियान भी सम्मेलन में चर्चा का विषय रहा। इस योजना के अंतर्गत “नव संरक्षा” के माध्यम से सुरक्षा प्रदर्शन की दैनिक समीक्षा की जा रही है।
इसके अलावा “संरक्षा चौपाल” के तहत साप्ताहिक परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 856 कर्मचारियों को शामिल किया जा चुका है। लाइव KPI मॉनिटरिंग ऐप सभी 12 सेक्शनल TI की निगरानी कर रहा है, जिससे परिचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए मेंटर-मेंटी प्रोग्राम भी शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत जूनियर कर्मचारियों को वरिष्ठ पर्यवेक्षकों से जोड़ा गया है।
मुख्य पैनल रूम में एलईडी स्क्रीन पर डिजिटल सुरक्षा पोस्टर प्रदर्शित किए जा रहे हैं ताकि कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान लगातार सुरक्षा संदेश मिलते रहें। इसके अलावा 61 “शंटिंग मेले” आयोजित कर फ्रंटलाइन कर्मचारियों के साथ सीधे संवाद स्थापित किया गया।
सम्मेलन का समापन यात्रियों की सुरक्षा, परिचालन दक्षता और तकनीकी आधुनिकीकरण के प्रति साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में डिजिटल तकनीक और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली के जरिए रेलवे संचालन को और अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय बनाया जाएगा।
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