17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित यूपी हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ मंत्री राकेश सचान और राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने किया। 60 से अधिक स्टॉल, फैशन शो और 39 उत्कृष्ट बुनकरों को सम्मान—सरकार ने पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित उ०प्र० हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ किया गया।

इस एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से अपनी आजीविका चला रहे हैं। उनकी कलाकृतियां देश-विदेश में पहचान बना रही हैं, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
एक्सपो में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से विशेष प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे परंपरागत वस्त्रों को आधुनिक मंच मिलेगा।

इस अवसर पर संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए चयनित बुनकरों को सम्मानित भी किया गया। प्रदेश के 13 परिक्षेत्रों से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
मंत्री सचान ने बताया कि योगी सरकार बुनकरों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति दी जा रही है। बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता, आईआईएचटी वाराणसी के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देगा और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
COMMENTS