पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन भवन में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। लंबित फाइलों, उपयोगिता प्रमाण पत्र और धीमी परियोजनाओं पर नाराजगी जताते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को पर्यटन भवन में विभागीय योजनाओं की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई और अधिकारियों से बिंदुवार अपडेट लिया गया।
मंत्री जयवीर सिंह ने बजट खर्च की मौजूदा स्थिति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष बची धनराशि का उपयोग समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान लंबित फाइलों, शासन और निदेशालय के बीच अटके मामलों तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) के लंबित रहने पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिया कि इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित किया जाए। उनका स्पष्ट संदेश था कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब प्रदेश के विकास की गति को प्रभावित करता है, इसलिए कार्यप्रणाली में तेजी लाई जाए।
जिन परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन कार्य धीमी गति से चल रहा है, उन्हें तत्काल प्रभाव से गति देने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं को धरातल पर उतारना ही विभाग की वास्तविक उपलब्धि होगी।

समीक्षा बैठक में तीर्थ विकास परिषदों के कार्यों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही संग्रहालयों के निर्माण, वे-साइड सुविधाओं की स्थापना और उनके संचालन की प्रगति की जानकारी ली गई। मंत्री ने इन परियोजनाओं को पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इनके समयबद्ध पूर्ण होने पर जोर दिया।
जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद कार्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता का मुद्दा भी बैठक में उठा। मंत्री ने निर्देश दिए कि स्टाफ, फर्नीचर और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यालयों का संचालन प्रभावी ढंग से हो सके।

पर्यटन नीति के तहत पंजीकृत लाभार्थियों, पर्यटक आवास गृहों के संचालन तथा ईको टूरिज्म परियोजनाओं की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का बड़ा माध्यम है। यदि योजनाएं सही तरीके से लागू हों तो इससे न केवल पर्यटन सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक के अंत में मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जमीन पर लागू किया जाए। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में पर्यटन विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि आम जनता और पर्यटकों को उसका वास्तविक लाभ दिखाई देना चाहिए।
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