गौतमबुद्धनगर के फेस-1 थाना पुलिस ने अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त और तस्करी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं, जबकि एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना फेस-1 क्षेत्र में सक्रिय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 5 पिस्टल और 6 देशी तमंचे बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
यह कार्रवाई थाना फेस-1 पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। दिनांक 09 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने गंदे नाले की पुलिया के पास दबिश देकर दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अभिषेक पुत्र मूलचन्द, निवासी ग्राम सोरखा सेक्टर-115 नोएडा, उम्र 21 वर्ष तथा समीर पुत्र नीरज, निवासी सेक्टर-27 नोएडा, उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी लंबे समय से अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त और तस्करी में शामिल थे। इनके साथ एक बाल अपचारी भी जुड़ा हुआ था, जिसे पुलिस ने अभिरक्षा में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद हथियारों में 05 पिस्टल .32 बोर, 05 देशी तमंचे .315 बोर और 01 देशी तमंचा .32 बोर शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे अवैध हथियार रखने के शौकीन हैं और इन्हें अपने साथियों तथा आसपास के युवकों को दिखाकर रौब जमाते थे। इसके अलावा वे इन हथियारों की खरीद-फरोख्त से मुनाफा कमाने का काम भी करते थे। उनके अनुसार, वे पिस्टल को लगभग ₹40,000 से ₹45,000 में खरीदकर ₹65,000 से ₹75,000 तक में बेचते थे। इसी तरह देशी तमंचे को ₹4,000 से ₹5,000 में खरीदकर लगभग ₹10,000 में बेचकर लाभ अर्जित करते थे।
अभियुक्तों ने यह भी स्वीकार किया कि वे अपने परिचितों और ग्राहकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क करने के लिए कहते थे। इसी माध्यम से वे अवैध हथियारों की मांग और आपूर्ति को नियंत्रित करते थे और नए ग्राहकों को जोड़ते थे। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित तरीके से चल रहा नेटवर्क था, जिसमें सोशल मीडिया का उपयोग हथियारों की अवैध बिक्री के लिए किया जा रहा था।
इस मामले में थाना फेस-1 में मु0अ0सं0- 166/2026 धारा 3/9/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और आगे की जांच जारी है।

पुलिस ने बताया कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियां न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं। अवैध हथियारों की तस्करी से अपराधों में वृद्धि होती है और युवा वर्ग गलत दिशा में जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि किसी को अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तकनीक का दुरुपयोग कर अपराध करने वाले भी पुलिस की निगरानी से बच नहीं सकते। सोशल मीडिया के जरिए फैल रहे इस तरह के नेटवर्क पर अब पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
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