सोशल मीडिया पर दोस्त बनाकर विदेशी गिफ्ट और रुपये का झांसा देने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम सिंडिकेट को दिल्ली साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया। जांच में 4 आरोपी शामिल पाए गए, जिसमें एक नाइजीरियाई नागरिक भी शामिल है।
: साइबर पुलिस स्टेशन, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश किया, जो सोशल मीडिया पर अकेलेपन में जी रहे लोगों को दोस्त बनाकर गिफ्ट और विदेशी मुद्रा का झांसा देता था। सिंडिकेट के किंगपिन, 32 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक कुलिबली अमारा, दिल्ली के बुराड़ी इलाके में पकड़े गए।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिंडर और मैट्रिमोनियल साइट्स पर फेक प्रोफाइल बनाकर पीड़ितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। भरोसा जीतने के बाद, व्हाट्सएप पर बातचीत कर उन्हें महंगे गिफ्ट और विदेशी मुद्रा भेजने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद कस्टम ड्यूटी, लेट फीस, ट्रांसपोर्ट और क्लीयरेंस जैसे झूठे नामों पर रकम वसूल की जाती थी।

मामले में बुराड़ी की 40 वर्षीय महिला पीड़िता को कुल ₹4.20 लाख की ठगी हुई। साइबर पुलिस ने तकनीकी जाँच और लगातार निगरानी के बाद 23 जनवरी 2026 को बुराड़ी और नजफगढ़ इलाकों में चार आरोपी—कुलिबली अमारा, अंश ओबेरॉय, कुणाल उर्फ सोनू और एक 16 वर्षीय किशोर (CCL)—को गिरफ्तार किया।
जांच में 22 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड (3 यूके के), 1 डेबिट कार्ड और 1 नोटबुक बरामद हुए। फोन में कई देशों के व्हाट्सएप अकाउंट्स, फेक फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल और मैट्रिमोनियल एप्लीकेशंस पाए गए। आरोपी नाइजीरियाई नागरिक ने कहा कि उसके पास दिल्ली में कोई स्थायी पता नहीं था और वह चर्चों में रहकर अपराध करता था।
एसआई अरविंद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जाँच, CDR और IMEI ट्रैकिंग के जरिए सभी आरोपियों का पता लगाया। अब आगे की जांच में अन्य सहयोगियों को पकड़ने और ठगी के अन्य मामलों को उजागर करने का प्रयास जारी है।
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