ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के आह्वान पर राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस पूरे देश में भव्यता और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ड्राइवरों को सड़क सुरक्षा, नशामुक्त ड्राइविंग और अनुशासित वाहन संचालन की शपथ दिलाई गई। AIMTC के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. हरीश सभरवाल ने ड्राइवरों को “सड़क का सच्चा प्रहरी” बताते हुए उन्हें पायलट अथवा कप्तान कहे जाने की ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित पार्किंग व ट्रॉमा सेंटर की मांग को दोहराया। AIMTC ने देश में ड्राइवरों की कमी पर चिंता जताते हुए सम्मान और सुविधाओं को समाधान बताया।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (ए.आई.एम.टी.सी.) के आह्वान पर राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर भव्यता, गरिमा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों एवं शहरों में ए.आई.एम.टी.सी. से संबद्ध और स्थानीय परिवहन संगठनों द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें ड्राइवर भाइयों और बहनों के अतुलनीय योगदान को नमन करते हुए उनके प्रति सम्मान, संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रमों के दौरान ड्राइवरों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन, नशामुक्त रहकर वाहन संचालन तथा जिम्मेदार और अनुशासित ड्राइविंग की शपथ दिलाई गई। आयोजकों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सुरक्षित भारत का निर्माण तभी संभव है जब देश के ड्राइवर सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक हों।
इस अवसर पर ए.आई.एम.टी.सी. के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. हरीश सभरवाल ने ड्राइवर भाइयों को “सड़क का सच्चा प्रहरी” बताते हुए कहा कि सुरक्षित भारत की नींव सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइवरों पर ही टिकी है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश विश्राम कर रहा होता है, तब हमारे ड्राइवर भाई देश की सीमाओं से लेकर हर घर की रसोई तक आवश्यक वस्तुएँ पहुँचाने में निरंतर जुटे रहते हैं।
डॉ. सभरवाल ने कहा कि तपती धूप, कड़ाके की ठंड, मूसलाधार बारिश और तूफानों की परवाह किए बिना, अपने परिवार से दूर रहकर ड्राइवर देश की अर्थव्यवस्था के पहियों को निरंतर गति देते हैं। इसके बावजूद उन्हें आज भी अपेक्षित सामाजिक सम्मान और सुविधाएँ नहीं मिल पातीं, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस देश की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी परिवहन संस्था है, जो कार्गो और पैसेंजर—दोनों सेगमेंट का प्रतिनिधित्व करती है। वर्तमान में संस्था से लगभग 95 लाख ट्रक ऑपरेटर, 16 लाख बस ऑपरेटर, 3500 से अधिक परिवहन संस्थाएँ और करीब 40 लाख ड्राइवर जुड़े हुए हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि देश में लगभग 50 लाख ड्राइवरों की भारी कमी है, जिसका एक बड़ा कारण इस पेशे में घटता सामाजिक सम्मान है।
इसी पृष्ठभूमि में ए.आई.एम.टी.सी. ने राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि अब ड्राइवरों को हवाई जहाज़ के पायलट के समकक्ष सम्मान दिया जाएगा। संस्था की पहल के तहत ड्राइवरों को अब “ड्राइवर” के स्थान पर “पायलट” या “कप्तान” कहे जाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, ड्राइवरों के लिए सम्मानजनक वर्दी और कैप उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. सभरवाल ने बताया कि ए.आई.एम.टी.सी. चालक भाइयों और बहनों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार के साथ निरंतर संवाद कर रही है। संस्था ड्राइवर्स सामाजिक सुरक्षा कल्याण बोर्ड के गठन, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) में ड्राइवरों की भागीदारी, तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक के निःशुल्क इलाज को सुनिश्चित कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है।
इसके अतिरिक्त, श्रम कानूनों के अंतर्गत ईएसआई और पीएफ जैसी सुविधाएँ ड्राइवरों तक पहुँचाने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
ड्राइवरों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर ए.आई.एम.टी.सी. ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक 50 किलोमीटर पर सुरक्षित पार्किंग, स्वच्छ भोजन की व्यवस्था और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की माँग को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने बताया कि दिल्ली–मुंबई कॉरिडोर पर लगभग 300 ऐसी सुविधाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
साथ ही, ए.एस.डी.सी. के सहयोग से देश के 800 जिलों में निःशुल्क ड्राइवर प्रशिक्षण और एक विशेष एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज की व्यवस्था की जा रही है। भारत एसोसिएशन ऑफ रोड सेफ्टी वॉलिंटियर्स के साथ मिलकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नशामुक्ति के लिए भी निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. हरीश सभरवाल ने सभी परिवहन साथियों और देशवासियों से अपील की कि वे ड्राइवर भाइयों को सम्मान दें और सड़क सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।
उन्होंने कहा—
“जब मेरा ड्राइवर भाई सुरक्षित और सम्मानित होगा, तभी भारत वास्तव में सुरक्षित होगा।”
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