ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईकोटेक-11 में कूड़ा जलाने के मामले में प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ई-गरुड़ा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी पर 1.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कंपनी को भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी।
ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण लगातार सख्ती दिखा रहा है। इसी क्रम में सेक्टर ईकोटेक-11 स्थित एक कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग ने कूड़ा जलाने के मामले में ई-गरुड़ा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नाम की कंपनी पर 1.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि सेक्टर ईकोटेक-11 में एक कंपनी परिसर के पास खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है। शिकायत मिलते ही विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि कूड़ा ई-गरुड़ा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी की ओर से जलाया गया था।
मौके पर पहुंची टीम ने जलते हुए कचरे का निरीक्षण किया और संबंधित कंपनी के खिलाफ पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया। इसके बाद कंपनी पर 1.16 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया। अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन को सख्त चेतावनी भी दी कि यदि भविष्य में दोबारा इस तरह की लापरवाही सामने आई तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि खुले में कूड़ा जलाना न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण भी तेजी से बढ़ता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह बेहद नुकसानदायक माना जाता है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ किया है कि ठोस कचरा प्रबंधन नीति के तहत सभी बल्क वेस्ट जेनरेटरों को अपने परिसर में निकलने वाले कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार कंपनियों और बड़े संस्थानों को अपने कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसका उचित प्रबंधन करना होता है। खुले में कूड़ा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों और संस्थानों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कंपनियों और उद्योगों से अपील की कि वे कूड़े का उचित प्रबंधन करें और उसे इधर-उधर फेंकने या जलाने जैसी गतिविधियों से बचें।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लगातार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अभियान चला रहा है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जनस्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए और कहीं भी कूड़ा जलाने जैसी घटनाएं सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक इकाइयों को साफ संदेश मिल गया है कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। प्राधिकरण की इस सख्ती को शहर में स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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