नोएडा प्राधिकरण को जल पुन: उपयोग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए World Water Award 2025-26 से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल को वैश्विक पहचान दिलाती है।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते कुछ वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी गई है। इसी कड़ी में नोएडा प्राधिकरण ने जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। भारत सरकार और यूनिकॉ के संयुक्त समर्थन से आयोजित World Water Award 2025-26 के तहत “Municipal Water Reuse Initiative” श्रेणी में नोएडा प्राधिकरण को ‘Water Warriors’ के रूप में विजेता घोषित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान 23 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित Hotel Lalit New Delhi में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के माननीय मंत्री श्री सीआर पाटिल तथा राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस पुरस्कार को ग्रहण करने के लिए नोएडा प्राधिकरण की ओर से अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री सतीश पाल और महाप्रबंधक (जल) श्री आर.पी. सिंह अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन Water Digest Water Award टीम द्वारा किया गया था, जिसमें देशभर के जल प्रबंधन से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट्स को सम्मानित किया गया।

क्या हैं नोएडा की इस उपलब्धि के प्रमुख बिंदु?
नोएडा प्राधिकरण को यह सम्मान उनके जल पुनः उपयोग (Water Reuse) के प्रभावी और सतत मॉडल के लिए मिला है। इस पहल की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
1. 260 MLD ट्रीटेड वाटर की उपलब्धता
नोएडा के विभिन्न प्लांट्स से वर्तमान में कुल 260 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) शुद्ध जल उपलब्ध कराया जा रहा है। यह शहर के जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
2. 90 MLD जल का पुनः उपयोग
इस कुल शुद्ध जल में से लगभग 90 MLD जल का उपयोग भू-जल स्तर सुधार के लिए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत हरित पट्टी, पार्क, गोल्फ कोर्स, निर्माण कार्य, औद्योगिक गतिविधियां, तालाब और सड़कों पर छिड़काव जैसी गतिविधियों में इसका प्रयोग हो रहा है।
3. सेक्टर-54 में विकसित वेटलैंड
नोएडा के सेक्टर-54 में पूर्व में बने वेस्ट स्थल का पूर्ण उपयोग करते हुए 20 MLD शुद्ध जल से एक आकर्षक वेटलैंड का निर्माण किया गया है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है बल्कि यहां विभिन्न प्रकार के जलीय जीव-जंतु भी निवास कर रहे हैं।

4. भविष्य की योजना: 125 MLD लक्ष्य
नोएडा प्राधिकरण भविष्य में इस पहल को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 125 MLD शुद्ध जल को विभिन्न कार्यों में उपयोग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
क्यों खास है यह उपलब्धि?
नोएडा प्राधिकरण की यह सफलता केवल एक पुरस्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है। जल संरक्षण और पुनः उपयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में यह पहल देश के अन्य शहरों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
इस उपलब्धि ने यह भी साबित कर दिया है कि सही नीति, तकनीक और नेतृत्व के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहरी विकास को भी गति दी जा सकती है।
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