यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 89वीं बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए—नई दरें, विशाल बजट और विकास परियोजनाओं ने क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय कर दी है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 89वीं बोर्ड बैठक 20 मार्च 2026 को आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्र के विकास से जुड़े कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक कुमार ने की, जबकि मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. अरुणवीर सिंह और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नई आवंटन दरों पर बड़ा निर्णय
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न श्रेणियों—आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत और व्यावसायिक—के भूखंडों की नई आवंटन/बिड दरों को मंजूरी दी गई। महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए दरों में औसतन 3.58% की वृद्धि की गई है।
ट्रांसपोर्ट लैंड यूज की दरें तय करने के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है, जबकि औद्योगिक दरों के निर्धारण के लिए एक अलग समिति गठित की गई है। ये समितियां अपनी रिपोर्ट बोर्ड में प्रस्तुत करेंगी। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।

11,800 करोड़ से अधिक का बजट प्रस्तावित
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राधिकरण ने एक विशाल बजट प्रस्तावित किया है।
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कुल प्राप्तियां (Receipts): ₹11,82,969.19 लाख
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कुल व्यय (Expenditure): ₹11,81,101.46 लाख
प्रमुख आय स्रोत:
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औद्योगिक, आवासीय व अन्य संपत्तियों से आय
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ऋण, अग्रिम एवं अन्य स्रोत
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प्रीमियम व अन्य राजस्व
प्रमुख खर्च:
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भूमि अधिग्रहण: ₹8,00,000 लाख
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विकास एवं निर्माण कार्य: ₹2,01,193.46 लाख
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ऋण एवं अग्रिम: ₹70,518 लाख
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अन्य राजस्व भुगतान और प्रशासनिक खर्च
यह बजट क्षेत्र में तेज़ी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

हेरिटेज सिटी परियोजना को मिली रफ्तार
प्राधिकरण ने जेवर क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में आंशिक संशोधन करते हुए इसे शासन को भेजने का निर्णय लिया है। यह परियोजना पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
ट्रैफिक पार्क एवं ट्रेनिंग सेंटर को मंजूरी
जेवर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “Traffic Park cum Training Centre” स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। यह परियोजना होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से विकसित की जाएगी।
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निर्माण कार्य फाउंडेशन के CSR फंड से होगा
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भूमि प्राधिकरण द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी
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भूमि का स्वामित्व प्राधिकरण के पास रहेगा
यह सेंटर युवाओं और आम नागरिकों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
89वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले साफ संकेत देते हैं कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को एक आधुनिक, संगठित और निवेश के अनुकूल हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई दरें, विशाल बजट और बड़े प्रोजेक्ट्स आने वाले समय में इस क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं।
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