लखनऊ के SGPGI में नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) सेल का उद्घाटन हुआ। इस पहल के जरिए यूपी के 85 मेडिकल कॉलेजों को जोड़कर चिकित्सा शिक्षा, शोध और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया
SGPGI में NAMS सेल का शुभारंभ, चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) में शनिवार को नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) सेल का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा, शोध और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद, चेयरमैन NAMS उत्तर प्रदेश और SGPGIMS के निदेशक प्रोफेसर आर.के. धीमन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के डीन प्रो. शलीन कुमार, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजय धीरज, एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजपेयी, NAMS सेल के नोडल अधिकारी प्रो. संदीप साहू, तथा सदस्य डॉ. दिव्या श्रीवास्तव और डॉ. सुरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
क्या है NAMS और क्यों है अहम
नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) भारत की एक प्रतिष्ठित संस्था है, जिसकी स्थापना 21 अप्रैल 1961 को हुई थी और इसका उद्घाटन 19 दिसंबर 1961 को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नई दिल्ली में किया था। यह संस्था चिकित्सा और बायोमेडिकल विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और उसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों में उपयोग करने के लिए जानी जाती है।

NAMS का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और किफायती बनाना है, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवता की बेहतर सेवा की जा सके। संस्था चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशेषज्ञों को सम्मानित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य और बायोमेडिकल विज्ञान से जुड़े शोध को भी प्रोत्साहित करती है।
उद्घाटन के साथ हुआ CME कार्यक्रम
NAMS सेल के उद्घाटन के साथ ही एक कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने NAMS की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में पद्मश्री प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने “Chest X-Ray की क्लिनिकल इंटरप्रिटेशन” विषय पर उद्घाटन व्याख्यान दिया। उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को एक्स-रे की सही व्याख्या के महत्व और उसके क्लिनिकल उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
SGPGIMS और NAMS मिलकर करेंगे राष्ट्रीय स्तर पर काम
SGPGIMS के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य मरीजों की बेहतर देखभाल, चिकित्सा शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना है, जो NAMS के मूल विचारों से काफी मेल खाता है।
उन्होंने कहा कि SGPGIMS और NAMS मिलकर देश में विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के बोझ को कम करने के लिए कई टास्क फोर्स तैयार करेंगे। इन टास्क फोर्स के जरिए स्वास्थ्य नीतियों और शोध को मजबूत किया जाएगा।

85 मेडिकल कॉलेजों को जोड़ने की योजना
NAMS सेल के नोडल अधिकारी प्रो. संदीप साहू के नेतृत्व में यह पहल उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। इस पहल के तहत “हब और स्पोक मॉडल” के जरिए राज्य के 85 से अधिक मेडिकल कॉलेजों को जोड़ा जाएगा।
इस मॉडल के माध्यम से शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे मेडिकल फैकल्टी और छात्रों के लिए नेतृत्व विकास कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि SGPGIMS में NAMS सेल की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा, शोध और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी और इसका लाभ पूरे देश को मिलेगा।
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