ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का आयोजन ‘Give To Gain’ थीम के साथ किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सत्र, ध्यान अभ्यास और खेल गतिविधियों के जरिए महिला सशक्तिकरण और समावेशिता का संदेश दिया गया।
शारदा विश्वविद्यालय में महिला दिवस का उत्सव, स्वास्थ्य-ध्यान और खेल गतिविधियों से दिया सशक्तिकरण का संदेश
ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विभाग द्वारा छात्र कल्याण डीन कार्यालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “Give To Gain” रखी गई थी। इस आयोजन में छात्र, शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और विभिन्न स्वास्थ्य सत्रों, ध्यान अभ्यासों तथा खेल गतिविधियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
यह कार्यक्रम समावेशिता, समान अवसर और समग्र विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला रहा। आयोजन की शुरुआत विश्वेश्वरैया सभागार में स्वास्थ्य और ध्यान सत्रों के साथ हुई। इन सत्रों में प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
स्वास्थ्य सत्रों के बाद विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, टीमवर्क और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना था।

इस अवसर पर शारदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सिबाराम खारा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने कहा, “महिलाएं समाज का अभिन्न अंग हैं और जब तक उन्हें हर क्षेत्र में समानता, सम्मान और अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक वास्तविक प्रगति संभव नहीं है। यह आयोजन महिलाओं को समान अवसर देने और ऐसा वातावरण बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है जहां वे शिक्षा, स्वास्थ्य और नेतृत्व के माध्यम से आगे बढ़ सकें।”
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना समाज में सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा करता है, जो समुदायों को मजबूत बनाता है और भविष्य को बेहतर दिशा देता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र कल्याण डीन डॉ. प्रमोद कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “Give To Gain” सामुदायिक सहभागिता के विचार से गहराई से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, भागीदारी को प्रोत्साहित करना और समान अवसर प्रदान करना ही सशक्तिकरण का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्तिगत शक्ति और सामूहिक समर्थन एक साथ आते हैं, तब समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।

वहीं शारदा विश्वविद्यालय के मानव संसाधन निदेशक कर्नल दिमरी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उन सभी महिलाओं को सम्मान देने का अवसर है जो अपने साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प से समाज को प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि मानव प्रगति की कहानी महिला सशक्तिकरण से अलग नहीं हो सकती।
उन्होंने यह भी बताया कि शारदा समूह में महिलाएं विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और संस्थान उन्हें पेशेवर और भावनात्मक दोनों प्रकार का समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना ही एक प्रगतिशील समाज की पहचान है।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें प्रियंका गोयल, मोक्सदा, मोनी राणा, सौरव सुमन सहित विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य और स्टाफ शामिल थे।
पूरे आयोजन में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। स्वास्थ्य, ध्यान और खेल गतिविधियों के माध्यम से यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और समानता के संदेश को मजबूत करने वाला मंच साबित हुआ।
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