संजय गांधी पीजीआई के मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य विभाग ने 17वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर SGPGI मेटरनिटी केयर ऐप लॉन्च किया गया और तीन वर्षीय DM कोर्स शुरू करने की घोषणा की गई।
Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences के मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य विभाग ने अपना 17वां स्थापना दिवस उत्साह और अकादमिक ऊर्जा के साथ मनाया। इस अवसर पर विभाग ने मातृ और भ्रूण स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के लिए डिजिटल नवाचार, बहु-विषयक सहयोग और निवारक रणनीतियों पर अपने संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव Amit Kumar Ghosh रहे। साथ ही संस्थान के निदेशक पद्मश्री R.K. Dhiman की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्व दिया। अंतरराष्ट्रीय सहयोग की झलक भी देखने को मिली, जब डेनमार्क मंत्रालय की प्रतिनिधि सुश्री आन्या विलेफ्रांस और अन्य विदेशी प्रतिनिधि—मिस्टर टोके, मिस्टर थॉमस, मिस जान्ने और मिस्टर सलिल दधीच—कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंबई की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ और AARMAN एनजीओ की संस्थापक डॉ. अपर्णा हेगड़े विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

तीन वर्षीय DM कोर्स की शुरुआत
पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन ने विभाग की निरंतर प्रगति पर बधाई देते हुए घोषणा की कि मातृ एवं भ्रूण चिकित्सा में तीन वर्षीय DM कोर्स शीघ्र शुरू किया जाएगा। यह कोर्स उच्च स्तरीय विशेषज्ञ तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘SGPGI मेटरनिटी केयर ऐप’—डिजिटल प्लेटफॉर्म से सुरक्षित मातृत्व
प्रोफेसर मंदाकिनी प्रधान ने बताया कि संस्थान ने डेनमार्क की निजी कंपनी vCare और Cordia के सहयोग से “SGPGI Maternity Care App” विकसित किया है। यह एक व्यापक और उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप्लिकेशन है, जो गर्भवती महिलाओं, उनके परिवारों और स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर जानकारी, व्यक्तिगत देखभाल उपकरण और चिकित्सकीय सहायता तक सहज पहुंच प्रदान करेगा।
प्रोफेसर नीता सिंह ने बताया कि मातृत्व सेवाओं का डिजिटलीकरण गर्भवती महिलाओं की दूरस्थ और सतत निगरानी संभव बनाएगा। मरीज नियमित अंतराल पर अपना वजन, ब्लड प्रेशर, शुगर और हीमोग्लोबिन स्तर ऐप पर अपलोड कर सकेंगी, जिसे डॉक्टर ऑनलाइन मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

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