गाजियाबाद में 24 मई 2026 को आयोजित होने वाली UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिले में 45 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 20 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित
24 मई को UPSC प्रीलिम्स 2026: गाजियाबाद में हाई सिक्योरिटी के बीच होगी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा
देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में शामिल UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर गाजियाबाद प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 24 मई 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में जिले भर से हजारों अभ्यर्थी भाग लेंगे। परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है।
इसी क्रम में शुक्रवार को विजयनगर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (GGIC) में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
जिले में बनाए गए 45 परीक्षा केंद्र
प्रशासन द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद जिले में UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 45 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर लगभग 20,355 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा को लेकर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।

परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
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पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक होगी।
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दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी।
अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सुरक्षा जांच और प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हर परीक्षा केंद्र पर LIU अधिकारी तैनात
परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रत्येक केंद्र पर एक-एक LIU अधिकारी की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना और तुरंत प्रशासन को सूचना देना होगी।
इसके अलावा पूरे जिले को कई प्रशासनिक जोनों और सेक्टरों में बांटा गया है।
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15 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।
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जोनल मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है।
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तीन सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं, जिनमें सभी अधिकारी ADM रैंक के हैं।
यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी, अव्यवस्था या तकनीकी समस्या होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

IAS अधिकारी करेंगे निगरानी
UPSC आयोग की ओर से तीन ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। इन अधिकारियों की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष निगरानी करना होगी।
इसके अलावा UPSC की ओर से तीन अन्य अधिकारी भी परीक्षा संचालन की मॉनिटरिंग के लिए लगाए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA), नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों और सेंटर सुपरिटेंडेंट की हुई ब्रीफिंग
GGIC विजयनगर में आयोजित बैठक में सेक्टर मजिस्ट्रेट, जनरल मजिस्ट्रेट, LIU अधिकारियों और सेंटर सुपरिटेंडेंट को विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। बैठक में परीक्षा से जुड़े हर पहलू पर चर्चा हुई, जिसमें प्रश्नपत्र की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की एंट्री प्रक्रिया, बायोमेट्रिक सत्यापन, परीक्षा कक्ष की निगरानी और आपातकालीन व्यवस्थाएं शामिल रहीं।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जाए।

कल होगी इनविजिलेटर्स की ब्रीफिंग
जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि परीक्षा से एक दिन पहले सभी कक्ष निरीक्षकों यानी इनविजिलेटर्स की विशेष ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी। इसमें उन्हें UPSC की गाइडलाइन, परीक्षा संचालन की प्रक्रिया और सुरक्षा नियमों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
इनविजिलेटर्स को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे कि परीक्षा के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को अनुचित साधनों का उपयोग करने का मौका न मिले।
अभ्यर्थियों की सुविधा पर विशेष फोकस
प्रशासन का कहना है कि केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की गई है।
गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क
पिछले कुछ समय में देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामलों को देखते हुए इस बार प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। यही कारण है कि गाजियाबाद प्रशासन ने UPSC जैसी संवेदनशील परीक्षा के लिए बहुस्तरीय निगरानी तंत्र तैयार किया है।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
UPSC परीक्षा हर साल लाखों युवाओं के सपनों से जुड़ी होती है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले।
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