भारत और ब्राजील के बीच महत्वपूर्ण ट्रेड डील पर हस्ताक्षर हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने, AI और टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने तथा आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने पर सहमति जताई।
भारत और ब्राजील के रिश्तों में एक ऐतिहासिक क्षण जुड़ गया है। दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए कहा कि उनके विजन और प्रेरणादायक नेतृत्व से भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों नेताओं के बीच कई बार मुलाकातें हुई हैं और हर बार राष्ट्रपति लूला की भारत के प्रति गहरी मित्रता और विश्वास स्पष्ट रूप से महसूस हुआ है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति लूला का यह दौरा ऐतिहासिक AI इम्पैक्ट समिट को नई ऊर्जा प्रदान करता है और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है।

20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य पर सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ब्राजील, लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा, “हमारा व्यापार सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह आपसी भरोसे की झलक है।” राष्ट्रपति लूला के साथ भारत आए बड़े बिजनेस डेलीगेशन को इस बढ़ते आर्थिक सहयोग और विश्वास का प्रतीक बताया जा रहा है।
इस ट्रेड डील से कृषि, ऊर्जा, फार्मा, रक्षा उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।
टेक्नोलॉजी, AI और ग्लोबल साउथ पर विशेष फोकस
वार्ता में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को विशेष प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग केवल भारत और ब्राजील के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण है।
दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि विकासशील देशों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। भारत और ब्राजील मिलकर नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाएंगे।

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