गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू में भीषण आग लगने से 8 फ्लैट प्रभावित हुए। जिला प्रशासन और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से जनहानि टल गई। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग सुबह करीब 8 बजे लगी, जिसने देखते ही देखते कई फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि जिला प्रशासन और दमकल विभाग की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के चलते इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कुल 8 फ्लैट प्रभावित हुए हैं और उनमें भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
आग लगने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। रविन्द्र कुमार मॉंदड़ (जिलाधिकारी) के निर्देश पर आपदा प्रबंधन की सभी टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। साथ ही पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य प्रशासनिक विभागों की टीमें भी राहत और बचाव कार्यों में जुट गईं।
करीब कुछ ही घंटों में टीमों की सामूहिक मेहनत से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया
घटनास्थल पर मौजूद राहत टीमों ने प्राथमिकता के आधार पर इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई, जिन्हें मौके पर मौजूद चिकित्सा टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की तैनाती पहले ही सुनिश्चित कर दी गई थी, जिससे प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सकी।
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, दिए निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित फ्लैटों का विस्तृत नुकसान आकलन किया जाए और प्रभावित परिवारों को सरकार की नीतियों के तहत हर संभव राहत प्रदान की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने अग्निकांड के कारणों की गहन जांच के आदेश भी दिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

आग के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने तकनीकी टीमों को जांच में लगाया है, जो यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग शॉर्ट सर्किट, गैस रिसाव या किसी अन्य कारण से लगी।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील: सुरक्षा मानकों का पालन करें
घटना के बाद प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें और विद्युत एवं गैस उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी को सतर्क रहना आवश्यक है।

आपात स्थिति में तुरंत करें संपर्क
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने नागरिकों को जानकारी दी कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत टोल फ्री नंबर 101 या 112 पर सूचना दें।
इसके अलावा, उन्होंने फायर स्टेशन के विभिन्न नियंत्रण कक्षों के नंबर भी जारी किए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके।
इस दौरान एडीएम (वित्त/राजस्व) सौरभ भट्ट, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित, एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव सहित पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ और अन्य विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
सभी विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई के चलते ही इस बड़ी घटना को समय रहते नियंत्रित किया जा सका।
इंदिरापुरम का यह अग्निकांड एक बार फिर यह याद दिलाता है कि ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा कितनी जरूरी है। हालांकि प्रशासन की तत्परता से इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
COMMENTS