गाजियाबाद के खोड़ा में ईद के दिन हुई 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अब मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। सांसद अतुल गर्ग, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और जिलाधिकारी ने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
सूर्या चौहान हत्याकांड: सरकार का सहारा, परिवार को 5 लाख की सहायता और रोजगार का आश्वासन
गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में ईद के दिन हुई 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की निर्मम हत्या ने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के कई हिस्सों को झकझोर कर रख दिया था। इस दर्दनाक घटना के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। साथ ही परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से यह सहायता राशि खोड़ा कॉलोनी निवासी श्रीमती सरोज, पत्नी कौशलेन्द्र सिंह चौहान को उनके पुत्र सूर्या चौहान के निधन के उपरांत भरण-पोषण के लिए प्रदान की जा रही है। यह सहायता जिलाधिकारी गाजियाबाद की संस्तुति पर स्वीकृत की गई है।

सांसद, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर बंधाया ढांढस
घटना के बाद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे सांसद अतुल गर्ग, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़, एसडीएम अरुण दीक्षित, नगर पालिका चेयरमैन रीना भाटी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात की।
इस दौरान अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक सहायता के अतिरिक्त परिवार के एक सदस्य को नगर पालिका के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा ताकि भविष्य में परिवार के सामने भरण-पोषण की कोई गंभीर समस्या न आए।

ईद के दिन हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात
28 मई 2026 को ईद के दिन हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया था। मृतक सूर्या चौहान 11वीं कक्षा का छात्र था और उसकी उम्र मात्र 17 वर्ष थी।
जानकारी के अनुसार, खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार में हुई इस घटना के दौरान सूर्या अपने परिचित युवकों के संपर्क में था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले से पहले आरोपियों ने सूर्या को अपने पास बुलाया था। इसके बाद कथित तौर पर उससे पूछा गया कि "क्या तुमने कभी बकरा हलाल होते देखा है?" और फिर उस पर चाकुओं से हमला कर दिया गया।
घटना में गंभीर रूप से घायल सूर्या को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 29 मई को उसकी मृत्यु हो गई।
दोस्ती से शुरू हुआ विवाद, हत्या तक पहुंची बात
पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या चौहान और मुख्य आरोपी असद एक-दूसरे को जानते थे। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब तीन बजे बाइक चलाने को लेकर सूर्या और असद के बीच विवाद हुआ था।

विवाद बढ़ने के बाद असद ने अपने पिता नवाब और अन्य साथियों को इसकी जानकारी दी। आरोप है कि इसके बाद सूर्या को सबक सिखाने की योजना बनाई गई। करीब साढ़े तीन बजे नवनीत विहार की गली नंबर चार में सूर्या को घेर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी फरहान ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने असद को चाकू उपलब्ध कराया था। आरोप है कि असद के पिता नवाब ने भी उसे उकसाया और इसके बाद सूर्या पर चाकू से हमला किया गया।
पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि मुख्य आरोपी असद फरार हो गया था।
पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में खोड़ा क्षेत्र में पुलिस और असद के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह घायल हो गया। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसके बाद खोड़ा पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए चौधरी चरण सिंह गेट के पास से असद के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर मामले की आगे जांच जारी है।

प्रदेशभर में उठी थी कड़ी कार्रवाई की मांग
सूर्या चौहान की हत्या के बाद प्रदेशभर में आक्रोश देखने को मिला था। विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
वहीं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
प्रशासन ने दिया भरोसा
सूर्या चौहान की हत्या ने एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया, लेकिन अब प्रशासन और सरकार परिवार को संभालने के लिए आगे आए हैं। आर्थिक सहायता और रोजगार की घोषणा को परिवार के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि परिवार के लिए यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन सरकार और प्रशासन का यह कदम उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं पूरा मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है।
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