उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न निर्माणाधीन और विकसित किए जा रहे संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण, नवीनीकरण और क्यूरेशन कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की है। वाराणसी, फिरोजाबाद, देवरिया, लखनऊ, झांसी और कुशीनगर में चल रही परियोजनाओं को गति देने के लिए पहली किश्त अवमुक्त की गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में निर्माणाधीन और विकसित किए जा रहे संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण, नवीनीकरण, सौंदर्यीकरण और क्यूरेशन कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य न केवल ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करना है, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करना भी है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि की प्रथम किश्त जारी कर दी गई है। ये परियोजनाएं वाराणसी, फिरोजाबाद, देवरिया, लखनऊ, झांसी और कुशीनगर में संचालित की जा रही हैं।
मुंशी प्रेमचंद संग्रहालय को मिलेगा नया स्वरूप
वाराणसी के लमही स्थित महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के जन्मस्थान पर विकसित किए जा रहे मुंशी प्रेमचंद स्मृति संग्रहालय एवं पुस्तकालय के आंतरिक साज-सज्जा और क्यूरेशन कार्यों के लिए 260 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की गई है। यह संग्रहालय प्रेमचंद के साहित्य, जीवन और सामाजिक योगदान को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदर्शित करेगा। कार्यदायी संस्था द्वारा परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
फिरोजाबाद के ग्लास म्यूजियम को मिलेगी नई पहचान
कांच उद्योग के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध फिरोजाबाद में स्थापित किए जा रहे ग्लास म्यूजियम के क्यूरेशन कार्य हेतु 440.54 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस संग्रहालय में कांच उद्योग के इतिहास, तकनीक, विकास और उससे जुड़ी कलात्मक विरासत को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय उद्योग को भी नई पहचान मिलेगी।
देवरिया में बनेगा शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मृति स्थल
देवरिया जनपद में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत पुरानी कचहरी परिसर की भूमि पर शहीद स्वर्गीय रामचंद्र विद्यार्थी स्मृति स्थल विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के क्यूरेशन, आंतरिक साज-सज्जा और विकास कार्यों के लिए 30 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। यह परियोजना स्वतंत्रता संग्राम और क्षेत्रीय इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
लखनऊ संग्रहालय में बच्चों के लिए आधुनिक गैलरी
राजधानी लखनऊ के संग्रहालय परिसर में बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त चिल्ड्रेन गैलरी, विभिन्न गतिविधियों, वर्कशॉप, लैंडस्केपिंग और समन्वित विकास कार्यों के लिए 198.13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार का उद्देश्य बच्चों को इतिहास, विज्ञान और संस्कृति से जोड़ने के लिए इंटरैक्टिव और आकर्षक वातावरण तैयार करना है।
झांसी संग्रहालय के विकास को मिली रफ्तार
झांसी स्थित राजकीय संग्रहालय के विकास और सुदृढ़ीकरण के लिए 3 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह संग्रहालय बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास और वीरता की गाथाओं को आधुनिक स्वरूप में प्रदर्शित करेगा।
कुशीनगर बौद्ध संग्रहालय का होगा सौंदर्यीकरण
भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर में स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण, विकास और सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये (1500 लाख रुपये) की बड़ी धनराशि जारी की है। इससे अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य संग्रहालय लखनऊ में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं
राज्य संग्रहालय, लखनऊ परिसर में स्थित ओल्ड कोठी में कैफेटेरिया और नई लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 459.10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा संग्रहालय भवन के बेसमेंट कक्षों के सुदृढ़ीकरण तथा आधुनिक स्टोरेज सिस्टम की स्थापना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 460.49 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
संग्रहालय परिसर में सीवर लाइन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट और नलकूप बोरिंग की स्थापना हेतु 174.66 लाख रुपये जारी किए गए हैं। वहीं विदेशी मूर्तिकला दीर्घा की मूर्तियों को नए स्थान पर स्थानांतरित कर प्रदर्शित करने की परियोजना के लिए 159.88 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य जल्द पूरा होने की संभावना है।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर सरकार का सख्त रुख
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। यदि किसी भी परियोजना में घटिया या अधोमानक सामग्री का उपयोग पाया गया तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और आधुनिक स्वरूप प्रदान करने का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। इन संग्रहालयों के विकसित होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि प्रदेश की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर भी आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेगी।
COMMENTS