ग्रेटर नोएडा के थाना इकोटेक-3 क्षेत्र में कंपनी से इलेक्ट्रिक पैनल का सामान चोरी करने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले कंपनी में काम कर चुके थे। पुलिस ने उनके कब्जे से लाखों रुपये का हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है।
Greater Noida के थाना Ecotech-3 Police Station क्षेत्र में हुई हाईटेक चोरी की वारदात का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कंपनी से महंगे इलेक्ट्रिक पैनल और तकनीकी उपकरण चोरी करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तार आरोपी पहले उसी कंपनी में काम कर चुके थे, जहां चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस के मुताबिक 24 मई 2026 को कंपनी मालिक की ओर से थाना इकोटेक-3 में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी से अज्ञात चोर इलेक्ट्रिक पैनल और उससे जुड़ा कीमती सामान चोरी कर ले गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
शुरुआती जांच में मामला सामान्य चोरी का लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने तकनीकी और विवेचनात्मक जांच आगे बढ़ाई, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। पुलिस को शक हुआ कि चोरी करने वाले लोगों को कंपनी के सिस्टम, गोदाम और इलेक्ट्रिक उपकरणों की पूरी जानकारी थी। इसी आधार पर पुलिस ने कंपनी के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पता चला कि चोरी की वारदात में कंपनी के कुछ पूर्व कर्मचारी शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को कंपनी के सामने से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
Rishabh Mishra,
Zeeshan,
Bharti,
Monu
और
Santosh Kumar Singh के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार रिषभ मिश्रा मूल रूप से मैनपुरी का रहने वाला है और वर्तमान में सूरजपुर में रह रहा था। वहीं जीशान दादरी क्षेत्र का निवासी है। अन्य आरोपी गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में रह रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का सामान भी बरामद किया है। बरामद सामान में एक सॉफ्ट स्टार्टर सुपरनोवा, 9 एल्युमिनियम बसबार, 9 सीमेंस डिस्प्ले, 4 पीएलसी, 2 ट्रांसफार्मर और 13 राउटर/मॉडेम शामिल हैं। यह सभी उपकरण इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रिक सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले बेहद महंगे और महत्वपूर्ण उपकरण माने जाते हैं।
जानकारी के अनुसार चोरी किए गए सामान की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का इरादा इन उपकरणों को कबाड़ में बेचने का था या किसी दूसरे औद्योगिक नेटवर्क को सप्लाई करने की तैयारी चल रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने कंपनी में काम करने के दौरान वहां की सुरक्षा व्यवस्था, सामान की लोकेशन और तकनीकी सिस्टम की पूरी जानकारी हासिल कर ली थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने चोरी की योजना बनाई। पुलिस का मानना है कि यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से की गई थी।
मामले में थाना इकोटेक-3 में मु0अ0सं0 203/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए), 317(2) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इंडस्ट्रियल सेक्टर में इनसाइडर क्राइम यानी अंदरूनी लोगों द्वारा अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कंपनियों के पूर्व कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था और सिस्टम की जानकारी होने के कारण आसानी से ऐसे अपराधों को अंजाम देने में सफल हो जाते हैं। यही वजह है कि अब कंपनियां अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।
इस घटना ने उद्योग क्षेत्रों में काम कर रही कंपनियों को भी सतर्क कर दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को अपने संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी उपकरणों की निगरानी के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल करना होगा। साथ ही कर्मचारियों के डेटा और एक्सेस कंट्रोल पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल थाना इकोटेक-3 पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते चोरी का खुलासा होने से कंपनी को भारी नुकसान से बचा लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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