भोपाल और ग्रेटर नोएडा में दो नवविवाहित महिलाओं की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। नोएडा में 24 वर्षीय दीपिका ने कथित दहेज प्रताड़ना से तंग आकर जान दे दी, जबकि भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत अब भी रहस्य बनी हुई है। दोनों मामलों में परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं।
भोपाल की ट्विशा के बाद नोएडा की दीपिका की मौत से मचा हड़कंप, दहेज और प्रताड़ना के आरोपों ने बढ़ाई चिंता
देश में दहेज और घरेलू प्रताड़ना से जुड़ी घटनाएं लगातार गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब ग्रेटर नोएडा से एक और दर्दनाक घटना सामने आ गई। यहां 24 वर्षीय विवाहिता दीपिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी मानसिक दबाव के कारण उसने अपनी जान दे दी।
इन दोनों मामलों ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छेड़ दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शादी के नाम पर बेटियों पर अत्याचार कब तक जारी रहेगा।

14 महीने पहले हुई थी दीपिका की शादी
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित जलपुरा गांव में रहने वाली दीपिका की शादी करीब 14 महीने पहले ऋतिक नामक युवक से हुई थी। मृतका के परिवार का आरोप है कि शादी के दौरान फॉर्च्यूनर SUV और करीब एक करोड़ रुपये का दहेज दिया गया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष लगातार और अधिक दहेज की मांग कर रहा था।
परिजनों का कहना है कि शादी के बाद दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। उसे बार-बार मायके से पैसे लाने के लिए दबाव बनाया जाता था। लगातार हो रही प्रताड़ना के कारण दीपिका तनाव और अवसाद में रहने लगी थी।
छत से कूदकर जान देने का आरोप
बताया जा रहा है कि 17 मई 2026 की रात दीपिका ने घर की छत से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस को महिला के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
ग्रेटर नोएडा पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि दीपिका लंबे समय से दहेज को लेकर परेशान थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग कर रहे हैं।
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत पर भी उठ रहे सवाल
उधर भोपाल में मॉडल और साउथ इंडियन अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। घटना के छह दिन बाद भी परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है। परिजन इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बता रहे हैं।
ट्विशा की शादी समर्थ सिंह से हुई थी। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी और बाद में धूमधाम से विवाह हुआ। लेकिन शादी के महज पांच महीने बाद ही ट्विशा की मौत हो गई।
मृतका के परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह, जो रिटायर्ड जस्टिस हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

पोस्टमार्टम जांच पर भी सवाल
ट्विशा केस में पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार आत्महत्या में इस्तेमाल बताई जा रही नायलॉन बेल्ट पोस्टमार्टम के समय डॉक्टरों को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इससे फांसी के निशानों और बेल्ट का वैज्ञानिक मिलान नहीं हो पाया।
बाद में बेल्ट को जांच के लिए एम्स भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिवार ने इस पूरी प्रक्रिया को पुलिस की बड़ी लापरवाही बताया है।
परिवार की मांग – दोबारा पोस्टमार्टम और SIT जांच
ट्विशा के परिवार ने मामले की दोबारा जांच और दिल्ली एम्स में री-पोस्टमार्टम की मांग की है। परिवार भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन भी कर चुका है।
इस बीच मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए SIT गठित कर दी गई है। वहीं आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
देशभर में उठ रहे सवाल
भोपाल और नोएडा की इन घटनाओं ने एक बार फिर दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर बेटियों को शादी के बाद सुरक्षित जीवन कब मिलेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कानून बनाना काफी नहीं है, बल्कि समाज की सोच बदलना भी जरूरी है। वहीं महिला संगठनों ने दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
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