नोएडा में जाम की बड़ी समस्या को खत्म करने के लिए बन रही 5.570 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड परियोजना तेजी से आकार ले रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और भविष्य में यह मार्ग दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम करेगा।
नोएडा शहर की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल चिल्ला रेगुलेटर (दिल्ली) से महामाया फ्लाईओवर और एम.पी.-3 मार्ग (नोएडा) तक बन रही एलिवेटेड रोड अब तेजी से जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। मंगलवार को नोएडा विधानसभा के विधायक ने निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है और काम तय लक्ष्य से आगे चल रहा है।
निरीक्षण के समय अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती वंदना त्रिपाठी, महाप्रबंधक (सिविल) श्री एस.पी. सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक श्री कपिल सिंह तथा उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न चरणों और वर्तमान प्रगति से विधायक को अवगत कराया।
विधायक ने निर्माण कार्य की गति पर संतोष जताते हुए कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात व्यवस्था को नया स्वरूप देगी। खासकर रोजाना जाम से जूझने वाले लाखों यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, नोएडा में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े ट्रैफिक दबाव ने कई प्रमुख मार्गों पर हालात चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा यह बड़ी परियोजना शुरू की गई है। लगभग 5.570 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण करीब ₹892.75 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।

परियोजना की सबसे खास बात यह है कि यह सड़क दिल्ली के चिल्ला रेगुलेटर से सीधे नोएडा के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ेगी। अधिकारियों के अनुसार, एलिवेटेड रोड को आगे बढ़ाते हुए कालिंदी कुंज रोड को पार कराया जाएगा और सेक्टर-94 के पास इसे पुश्ता मार्ग से जोड़ा जाएगा। यह कनेक्टिविटी भविष्य में दिल्ली से नोएडा और ग्रेटर नोएडा आने-जाने वाले ट्रैफिक के लिए बड़ा विकल्प साबित हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि पुश्ता रोड से कनेक्टिविटी और उसके आगे सड़क के सुदृढ़ीकरण को लेकर आईआईटी रुड़की तथा इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट की तकनीकी सहायता ली जा रही है। योजना के तहत पुश्ता मार्ग को बेहतर और मजबूत बनाया जाएगा ताकि दिल्ली के मयूर विहार से सेक्टर-150 की ओर आने-जाने वाला ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के संचालित हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का दबाव कम होगा। बड़ी संख्या में वाहन इस नए मार्ग की ओर डायवर्ट किए जा सकेंगे, जिससे रोजाना लगने वाले लंबे जाम में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
फिलहाल पुश्ता मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए एम.ओ.यू. गठन की प्रक्रिया जारी है। यदि यह प्रक्रिया तय समय पर पूरी हो जाती है तो आने वाले वर्षों में नोएडा की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
शहर के लोगों की नजरें अब इस परियोजना की समयसीमा पर टिकी हैं, क्योंकि यह सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि दिल्ली-नोएडा कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली आधारभूत संरचना मानी जा रही है।
COMMENTS