ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना पुलिस ने एक ऐसे संगठित चोरी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली-NCR की पॉश सोसाइटियों और बंद मकानों को निशाना बनाता था। पुलिस ने 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 50 लाख रुपये के चोरी के आभूषण, 1.65 लाख रुपये नकद, चोरी में इस्तेमाल ऑटो और अवैध चाकू बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कई बड़ी वारदातें कबूल की हैं।
ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच सूरजपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे अंतरजनपदीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने दिल्ली-NCR के कई इलाकों में लोगों की नींद उड़ा रखी थी। यह गैंग बंद मकानों की रेकी कर बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे और निशानदेही से लगभग 50 लाख रुपये कीमत के आभूषण, 1 लाख 65 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त ऑटो और तीन अवैध चाकू बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक 29 मई 2026 को सूरजपुर थाना पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से इस गैंग को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप यादव उर्फ फौजी, शिव कुमार उर्फ चूंचा, वीरेश उर्फ वीरा और सूरज उर्फ बंटा के रूप में हुई है। सभी आरोपी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं लेकिन वर्तमान में गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में रहकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई साधारण चोरी गैंग नहीं था, बल्कि बेहद संगठित तरीके से काम करने वाला गिरोह था। आरोपी ऑटो में घूमकर दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसाइटियों में बंद मकानों की पहचान करते थे। कई दिनों तक रेकी करने के बाद यह तय किया जाता था कि किस घर को निशाना बनाना है।

इसके बाद गैंग के सदस्य रात या सुनसान समय में मौके पर पहुंचते थे। एक या दो आरोपी ऑटो में बैठकर निगरानी करते थे, जबकि बाकी सदस्य ताला, खिड़की या ग्रिल तोड़कर घर के अंदर घुस जाते थे। फिर कुछ ही मिनटों में घर से कैश, ज्वेलरी और कीमती सामान समेटकर फरार हो जाते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने कई बड़ी वारदातें कबूल की हैं। पुलिस के अनुसार 21 मई 2026 को आरोपियों ने ओमीक्रोन-3 इलाके के एक बंद मकान में खिड़की तोड़कर चोरी की थी। इस घटना में लाखों रुपये के गहनों के साथ 3 लाख 70 हजार रुपये नकद चोरी किए गए थे। इस संबंध में थाना सूरजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसके अलावा 24 मई 2026 को डेल्टा-1 इलाके में दो अलग-अलग बंद मकानों को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने ताले तोड़कर घरों से आभूषण और नकदी चोरी की थी। इन घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और लोग लगातार सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे थे।
पुलिस द्वारा बरामद सामान की सूची काफी लंबी है। इसमें सोने की चैन, हार, कंगन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, झुमके, नोज पिन, चांदी की पायल, सिक्के और कई अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 1 लाख 65 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए सामान की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये है।

सबसे चौंकाने वाली बात आरोपियों का आपराधिक इतिहास है। गिरफ्तार सभी आरोपियों पर पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, आर्म्स एक्ट, लूट और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं। कुछ आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद दोबारा अपराध की दुनिया में लौट आए।
प्रदीप यादव उर्फ फौजी पर गौतमबुद्धनगर में आर्म्स एक्ट और चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं वीरेश उर्फ वीरा पर सम्भल और गौतमबुद्धनगर में चोरी, मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसे मामले दर्ज हैं। सूरज उर्फ बंटा और शिव कुमार पर भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग NCR के कई इलाकों में सक्रिय हो सकता है और अब यह जांच की जा रही है कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए गहनों और सामान को किन लोगों के माध्यम से बेचा जाता था।

सूरजपुर पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोग डरे हुए थे और कई सोसाइटियों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठ रही थी। पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती शहरी आबादी और खाली पड़े मकानों के कारण ऐसे गैंग सक्रिय हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर बंद छोड़ने से पहले पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस को जानकारी दें, CCTV कैमरे सक्रिय रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
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