आगरा में STF AG-3000 और सिकंदरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा किया है। चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1.0645 किलो ओजी गांजा (ऑस्ट्रेलियन ग्रीन/हाइड्रोपोनिक वीड) और 147 ग्राम MDMA बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 1.22 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
आगरा में ड्रग्स का बड़ा खुलासा, STF ने दबोचे हाईप्रोफाइल नशा तस्कर
उत्तर प्रदेश के आगरा में STF AG-3000 और सिकंदरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से करोड़ों रुपये की कीमत का ओजी गांजा और एमडीएमए बरामद किया है।
यह कार्रवाई सिर्फ स्थानीय स्तर की ड्रग तस्करी का मामला नहीं मानी जा रही, बल्कि जांच एजेंसियां इसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जुड़े बड़े नेटवर्क के तौर पर देख रही हैं।
बरामद किए गए नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये बताई जा रही है।
क्या-क्या बरामद हुआ?
एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से —
- 1.0645 किलोग्राम ओजी गांजा (ऑस्ट्रेलियन ग्रीन / हाइड्रोपोनिक वीड - DRONABINOL)
- 147 ग्राम MDMA
- 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- इलेक्ट्रॉनिक तराजू
- 1500 रुपये नकद
बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद ओजी गांजा की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 1 करोड़ 6 लाख रुपये है, जबकि MDMA की कीमत करीब 16 लाख रुपये आंकी गई है।
कहां हुई गिरफ्तारी?
यह कार्रवाई 27 मई 2026 की रात करीब 10:51 बजे की गई।
एसटीएफ टीम ने सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित शिवपुरी कॉलोनी, असोयी हॉस्पिटल के पास नवीन गौतम के किराये के मकान पर छापा मारकर चारों तस्करों को गिरफ्तार किया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान —
- जितेन्द्र प्रजापति उर्फ जीत
- प्रेमकुमार प्रजापति
- बदलू शर्मा
- भारती नन्दी देवी
के रूप में हुई है।
सभी आरोपी मथुरा और वृंदावन क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।
STF को पहले से मिल रही थी सूचना
एसटीएफ AG-3000 को काफी समय से आगरा और आसपास के जिलों में सक्रिय ड्रग्स तस्करी गैंग की सूचना मिल रही थी।
इसी इनपुट के आधार पर एसटीएफ की विभिन्न टीमों को अभिसूचना संकलन के निर्देश दिए गए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक STF फील्ड यूनिट आगरा के पर्यवेक्षण में टीम लगातार इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी।
मुखबिर की सूचना से खुला पूरा नेटवर्क
27 मई को STF टीम भ्रमणशील थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि जितेन्द्र प्रजापति उर्फ जीत और उसका साथी बदलू शर्मा दिल्ली से बड़ी मात्रा में OG Ganja और MDMA लेकर आए हैं।
सूचना यह भी थी कि आरोपी इन नशीले पदार्थों को आगरा क्षेत्र में सप्लाई करने की तैयारी में हैं।
इसके बाद STF आगरा, NTF यूनिट और सिकंदरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मकान पर दबिश दी और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
‘कैलिफोर्निया गांजा’ का बड़ा खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
आरोपियों ने बताया कि यह “OG Ganja” सामान्य गांजा नहीं बल्कि “कैलिफोर्निया गांजा” है, जिसे हाईप्रोफाइल ग्राहकों के बीच सप्लाई किया जाता है।
यह नशीला पदार्थ सीलबंद पैकिंग में आता है और 3.5 ग्राम की पैकिंग में बेचा जाता है।
आरोपियों के मुताबिक इसे छोटे-छोटे पैकेट बनाकर ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था।
महिला आरोपी की भूमिका भी आई सामने
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भारती नन्दी देवी पिछले 3-4 वर्षों से गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई में सक्रिय थी।
वह पंजाब, दिल्ली और हरियाणा से नशीले पदार्थ लाकर मथुरा और आगरा क्षेत्र में सप्लाई करती थी।
भोले बाबा सत्संग से शुरू हुआ नेटवर्क?
पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि भोले बाबा सत्संग के दौरान कुछ संपर्क बने, जिसके बाद यह नेटवर्क और सक्रिय हो गया।
आरोपियों ने यह भी बताया कि सप्लाई चेन इतनी गोपनीय थी कि कई बार ड्रग्स किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए तय स्थान पर रखवा दिए जाते थे और वहीं से उठाकर पैसे पहुंचा दिए जाते थे।
किराये का मकान बना ड्रग्स का अड्डा
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने करीब चार दिन पहले ही शिवपुरी कॉलोनी में किराये का मकान लिया था।
यहीं पर नशीले पदार्थों को स्टोर किया जाता था और यहीं से सप्लाई की योजना बनाई जा रही थी।
युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क खासतौर पर हाईप्रोफाइल युवाओं और पार्टी सर्किल को निशाना बना रहा था।
OG Ganja और MDMA जैसे नशीले पदार्थ आमतौर पर महंगे क्लब, पार्टी नेटवर्क और हाई-एंड ग्राहकों तक पहुंचाए जाते हैं।
NDPS एक्ट में केस दर्ज
चारों आरोपियों के खिलाफ थाना सिकंदरा में मुकदमा संख्या 257/26 के तहत धारा 8/20/22/29 NDPS एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और सप्लायरों की तलाश में जुटी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच शुरू
STF अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आखिर यह “कैलिफोर्निया गांजा” भारत तक कैसे पहुंच रहा था।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से जुड़े सप्लाई रूट की भी जांच की जा रही है।
एजेंसियों को शक है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट सक्रिय हो सकता है।
आगरा में बढ़ती ड्रग्स सप्लाई ने बढ़ाई चिंता
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में हाईप्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क तेजी से पैर पसार रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिंथेटिक ड्रग्स और हाइड्रोपोनिक वीड जैसे नशीले पदार्थ युवाओं के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
फिलहाल STF की इस कार्रवाई को प्रदेश में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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