राज्यसभा में एलपीजी गैस की संभावित किल्लत को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुद्दा उठाया, जिस पर किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप किया और जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
देश में एलपीजी गैस की संभावित किल्लत को लेकर सोमवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। हालांकि उनकी बात के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद सदन में कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया।
इस दौरान भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा संकट भारत की वजह से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पैदा हुआ है।
खरगे ने उठाया LPG संकट का मुद्दा
राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है और इस पर संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
खरगे ने सरकार से मांग की कि वह सदन में स्पष्ट करे कि क्या अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से भारत में गैस की कमी हो सकती है।
हालांकि इस दौरान किरेन रिजिजू ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि इस विषय पर पहले ही सरकार की तरफ से जानकारी दी जा चुकी है।

नड्डा का कांग्रेस पर पलटवार
इस मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संकट के समय भी राजनीति करने से पीछे नहीं हटती।
नड्डा ने कहा,
“कांग्रेस विपत्ति के समय भी राजनीति करने का मौका ढूंढती है। यह संकट भारत के कारण नहीं आया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की वजह से पैदा हुआ है। इस बारे में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही सदन में विस्तार से जानकारी दे चुके हैं।”
उन्होंने कांग्रेस पर लोगों को भड़काने का भी आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस का एक नेता सिलेंडर की होर्डिंग करते हुए पकड़ा गया है और पार्टी जनता को उकसाने का काम कर रही है।
सरकार का दावा—LPG और ईंधन की कोई कमी नहीं
केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह की कमी नहीं है।
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में घरेलू एलपीजी रिफिल बुकिंग में गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक 13 मार्च को जहां रिफिल बुकिंग करीब 88.8 लाख थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 77 लाख रह गई है।

सरकार का कहना है कि यह गिरावट किसी कमी की वजह से नहीं बल्कि सामान्य मांग में उतार-चढ़ाव के कारण है।
अमेरिका-ईरान युद्ध का असर
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और सैन्य कार्रवाई की खबरों के कारण वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
ईरान ने युद्ध की स्थिति के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग पर अस्थायी रोक लगा दी थी। यह वही रणनीतिक समुद्री रास्ता है, जहां से भारत सहित कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज गुजरते हैं।
हालांकि हाल ही में ईरान ने दो भारतीय जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है और उम्मीद है कि ये जहाज जल्द ही भारत पहुंच जाएंगे।
वैश्विक तनाव से बढ़ी चिंता
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर पड़ सकता है।
हालांकि फिलहाल सरकार का दावा है कि भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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