नोएडा में लगातार मिल रही बिजली कटौती की शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सेक्टर-150 स्थित विद्युत उपकेंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व देने वाले नोएडा में किसी भी परिस्थिति में बिजली कटौती स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति और शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
भीषण गर्मी और उमस के बीच नोएडा के विभिन्न सेक्टरों से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों ने न केवल उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ाई, बल्कि मामला सीधे ऊर्जा मंत्री एके शर्मा तक भी पहुंच गया। इसके बाद मंत्री ने बिना पूर्व सूचना के सेक्टर-150 स्थित विद्युत उपकेंद्र का औचक निरीक्षण कर बिजली व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे ऊर्जा मंत्री अचानक उपकेंद्र पहुंचे तो अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिजली आपूर्ति व्यवस्था, शिकायत निस्तारण प्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की कार्यशैली की गहन समीक्षा की।
‘नोएडा सबसे अधिक राजस्व देता है, यहां बिजली नहीं जानी चाहिए’
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि नोएडा प्रदेश के लिए सबसे अधिक राजस्व देने वाले शहरों में शामिल है। ऐसे में यहां बार-बार बिजली कटौती होना स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी हालत या परिस्थिति में उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिजली कटौती का सामना नहीं करना चाहिए। यदि कहीं तकनीकी खराबी या फॉल्ट आता है तो उसे तत्काल ठीक कर आपूर्ति बहाल की जाए।
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नोएडा के उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि लोगों की बुनियादी आवश्यकता बन जाती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी उपकेंद्रों और फीडरों की नियमित निगरानी की जाए ताकि किसी भी संभावित समस्या को पहले ही चिन्हित कर उसका समाधान किया जा सके।
मंत्री ने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल बिजली देना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना होना चाहिए।

उपभोक्ताओं के फोन का हर हाल में जवाब देने के निर्देश
ऊर्जा मंत्री ने शिकायत प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिन हो या रात, किसी भी समय यदि उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराता है तो उसका जवाब मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार उपभोक्ता बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क नहीं कर पाते, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन और शिकायत प्रकोष्ठ को सक्रिय रखा जाए तथा प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आपूर्ति रजिस्टर और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच
औचक निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने उपकेंद्र के आपूर्ति रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने यह जानकारी ली कि उपकेंद्र से किस प्रकार की विद्युत आपूर्ति की जा रही है और पिछले दिनों कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
सेक्टर-150 स्थित यह उपकेंद्र लगभग 10 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करता है। मंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपकेंद्र की मशीनरी, ट्रांसफार्मर, लाइनों और अन्य तकनीकी उपकरणों का निरीक्षण कर उनकी स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से तकनीकी सुधार और रखरखाव के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी।
फॉल्ट होने पर तुरंत बहाल हो बिजली
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यदि कहीं फॉल्ट आता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना न करना पड़े, इसके लिए विशेष निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गर्मी अपने चरम पर है और ऐसे में लंबे समय तक बिजली न रहने से आम नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को गंभीर परेशानी होती है।
इसलिए हर फॉल्ट को आपातकालीन स्थिति की तरह लेते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए।
संविदाकर्मियों का बढ़ाया हौसला
ऊर्जा मंत्री ने निरीक्षण के दौरान उपकेंद्र पर तैनात संविदाकर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संविदाकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।
मंत्री ने कहा कि कई बार ये कर्मचारी हाईटेंशन लाइनों के बीच जाकर जोखिम उठाते हुए फॉल्ट को ठीक करते हैं और बिजली आपूर्ति बहाल करते हैं। ऐसे कर्मचारियों का योगदान विभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने संविदाकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूरी निष्ठा और सेवा भावना के साथ कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों को व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में ऊर्जा मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि नोएडा की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं उपभोक्ता केंद्रित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि तकनीकी सुधार, त्वरित शिकायत निस्तारण और बेहतर निगरानी व्यवस्था के माध्यम से बिजली सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस दौरान मुख्य अभियंता एस.के. जैन, अधीक्षण अभियंता तकनीकी विवेक कुमार, अधीक्षण अभियंता वाणिज्यिक उमेश कुमार यादव, अधिशासी अभियंता वैभव मिश्रा, शशिकांत, अजय कुमार, अनुज कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उपभोक्ताओं को मिला राहत का संदेश
ऊर्जा मंत्री के इस औचक निरीक्षण और सख्त निर्देशों के बाद नोएडा के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि विभाग अब शिकायतों के निस्तारण और निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर अधिक सक्रियता दिखाएगा।
गर्मी के इस मौसम में ऊर्जा मंत्री का यह संदेश स्पष्ट है कि नोएडा में बिजली व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और उपभोक्ताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
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