उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने चुनावी वर्ष को देखते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं को 20 नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में उन्होंने धीमी प्रगति, गलत रिपोर्टिंग और फाइलों को लटकाने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताई। साथ ही नई परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया 20 मई तक पूरी करने और भुगतान व्यवस्था को समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ में गुरुवार को पर्यटन भवन में आयोजित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में उस समय माहौल गंभीर हो गया, जब उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को साफ शब्दों में चेतावनी दे दी कि अब “फाइलें लटकाने और भटकाने” की संस्कृति नहीं चलेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि चुनावी वर्ष को देखते हुए प्रदेश की सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं 20 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरी हो जानी चाहिएं।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई स्वीकृत परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया तेजी से पूरी करते हुए 20 मई 2026 तक स्वीकृति पत्र जारी कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि अब केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखाई देने चाहिए।
“नवंबर तक धरातल पर दिखना चाहिए परिणाम”
जयवीर सिंह ने कहा कि आगामी चुनाव से पहले सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचना जरूरी है। इसलिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए लोकार्पण के लिए तैयार रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “नवंबर तक परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए।”
समीक्षा बैठक में कुछ जिलों से निर्माण कार्यों की गलत प्रगति रिपोर्ट भेजे जाने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी देना बेहद गंभीर मामला है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अब मुख्यालय की टीम करेगी मौके पर जांच
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब सिर्फ कागजों के आधार पर समीक्षा नहीं होगी। मुख्यालय से अधिकारियों की विशेष टीम फोटोग्राफर के साथ स्थलीय निरीक्षण करेगी। यह टीम मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और प्रगति का भौतिक सत्यापन करेगी।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि “पत्राचार-पत्राचार का खेल बंद करें। बदली हुई कार्यशैली का असर जमीन पर दिखना चाहिए।”
मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विशेष फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जयवीर सिंह ने कहा कि इन योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी परियोजना में लापरवाही मिली तो संबंधित कार्यदायी संस्था और अधिकारी दोनों पर कार्रवाई तय होगी।
उन्होंने आगरा और मथुरा में प्रस्तावित हेलीपोर्ट परियोजनाओं को जल्द क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही भारत सरकार स्तर पर लंबित योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

नैमिषारण्य और ऐतिहासिक स्थलों पर भी जोर
स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत नैमिषारण्य में प्रस्तावित विकास कार्यों को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों का इतिहास लेखन और शिलालेख स्थापित करने की प्रक्रिया व्यवस्थित और मानक तरीके से की जाए।
बैठक में वाद्ययंत्रों की खरीद की भी समीक्षा हुई। साथ ही निर्देश दिए गए कि जिला महोत्सवों को संबंधित जनपद के स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य रूप से आयोजित किया जाए, ताकि स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
2017 से अब तक के कार्यों की मांगी रिपोर्ट
पर्यटन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2017 से अब तक पर्यटन और संस्कृति विभाग द्वारा कराए गए सभी कार्यों, उनकी लागत, स्वीकृत धनराशि, खर्च और प्रगति की जनपदवार विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए।
भुगतान में देरी पर होगी जवाबदेही तय
बैठक में अपर मुख्य सचिव संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने भी कार्यदायी संस्थाओं को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनावी वर्ष को देखते हुए हर काम समय से पूरा होना चाहिए।
उन्होंने भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्थाओं को समय से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भुगतान शेड्यूल तैयार किया जाए। भुगतान में देरी होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
“नकारा ठेकेदार सिस्टम से बाहर हों”
जयवीर सिंह ने यह भी कहा कि जो ठेकेदार काम में रुचि नहीं ले रहे या लगातार लापरवाही कर रहे हैं, उन्हें सिस्टम से बाहर किया जाए। उन्होंने कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में 16 अप्रैल को हुए शिलान्यास का उदाहरण देते हुए कहा कि अब तक वहां काम शुरू नहीं हुआ और अधिकारियों ने गलत सूचना दी, जो बेहद आपत्तिजनक है।
अमरोहा में मंदिर से जुड़े एक मामले में अनावश्यक अड़ंगा लगाने पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई।
बैठक में विशेष सचिव पर्यटन मृदुल चौधरी, यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार, निदेशक ईको पर्यटन पुष्प कुमार के., विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अंजू चौधरी, संयुक्त निदेशक प्रीति श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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