उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था समाप्त कर सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि 15 मई से 30 जून तक प्रदेशभर में विशेष शिकायत निस्तारण कैंप लगाए जाएंगे। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस फैसले को उपभोक्ता हित में ऐतिहासिक कदम बताया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था समाप्त करने का फैसला लिया है। अब प्रदेश में लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में संचालित किए जाएंगे। सरकार के इस फैसले को करोड़ों उपभोक्ताओं के हित में बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शुक्रवार को प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ स्थित कालिदास मार्ग पर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था समाप्त कर पोस्टपेड प्रणाली लागू किए जाने के निर्णय पर आभार व्यक्त किया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच जो शिकायतें और असुविधाएं सामने आ रही थीं, उन्हें गंभीरता से लेते हुए सरकार ने यह अहम फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को राहत, पारदर्शिता और सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही इससे बिलिंग व्यवस्था में उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
15 मई से लगेगा विशेष शिकायत निस्तारण अभियान
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस मौके पर कहा कि स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक सभी अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) और उपखंड अधिकारी (SDO) कार्यालयों पर विशेष शिकायत निस्तारण कैंप लगाए जाएंगे।
इन कैंपों में उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय में विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी, जहां बिजली बिल संशोधन, तकनीकी दिक्कतों और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना और बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत
स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ समय से कई उपभोक्ताओं द्वारा शिकायतें की जा रही थीं। लोगों का कहना था कि प्री-पेड प्रणाली में अचानक बैलेंस खत्म होने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती थी, जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली उपयोग के बाद बिल भुगतान की सुविधा मिलेगी। इससे आम लोगों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन पर दिया जोर
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधा के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे ही फैसले लेती रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार इसी संतुलन के साथ कार्य कर रही है।
प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद अब लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है और बिजली विभाग के प्रति उपभोक्ताओं का विश्वास भी और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
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