उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। चंदौली जनपद से ₹50 हजार का इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्त आशुतोष सिंह को लखनऊ के आशियाना इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर पारिवारिक संपत्ति विवाद के दौरान जानलेवा हमला और धमकी देने का आरोप है। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और इतिहास की भी जांच कर रही है।
चंदौली का इनामी आरोपी लखनऊ में छिपा बैठा था, STF ने मिठाई की दुकान के पास घेरकर दबोचा
करीब एक साल से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा चंदौली का ₹50 हजार का इनामी अभियुक्त आखिरकार उत्तर प्रदेश एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा आरोपी लखनऊ में छिपकर रह रहा था, लेकिन STF की सर्विलांस टीम ने सटीक सूचना और रणनीति के दम पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशुतोष सिंह के रूप में हुई है। वह चंदौली जिले के सैयदराजा थाना क्षेत्र के फैजुआ गांव का निवासी है। आरोपी पर चंदौली पुलिस ने ₹50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी को बुधवार शाम करीब 7:10 बजे लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र स्थित पावर हाउस रोड पर “मां गायत्री स्वीट्स एवं नमकीन” के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी इलाके में मौजूद है और किसी से मिलने आने वाला है। इसके बाद एसटीएफ टीम ने मौके पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
इस पूरे ऑपरेशन को STF के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। टीम में मुख्य आरक्षी गौरव सिंह, विनोद सिंह और अश्लेष कुमार शामिल थे, जिन्होंने लगातार अभिसूचना संकलन और निगरानी के बाद यह सफलता हासिल की।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना सैयदराजा, जनपद चंदौली में मुकदमा संख्या 167/2025 दर्ज है। इस मामले में उस पर बीएनएस की धारा 109, 131 और 351(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने जो कहानी बताई, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। आशुतोष सिंह ने पुलिस को बताया कि जून 2025 में उसके परिवार की जमीन और संपत्ति की पैमाइश चल रही थी। इसी दौरान परिवार के ही सदस्य शैलेन्द्र कुमार सिंह से उसका विवाद हो गया। मामूली कहासुनी अचानक हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान आशुतोष सिंह ने अपने साथी गोलू उर्फ राजीव सिंह के साथ मिलकर शैलेन्द्र सिंह को जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उस पर डंडे और हत्थे से हमला करने का भी आरोप है। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
घटना के बाद से आरोपी लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। उसने पूछताछ में बताया कि गिरफ्तारी के डर से वह लखनऊ में छिपकर रह रहा था और अपनी गतिविधियों को बेहद सीमित रखता था। STF को उसके लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी सर्विलांस के जरिए मिली।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में फरार और इनामी अपराधियों की सक्रियता को लेकर कई इनपुट मिले थे। इसके बाद प्रदेशभर में विभिन्न यूनिटों को सक्रिय किया गया था। इसी अभियान के तहत आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी गहन जांच कर रही है। शुरुआती रिकॉर्ड में उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। वर्ष 2018 में भी उसके खिलाफ थाना सैयदराजा में लूट और धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज हुआ था।
अभियुक्त के खिलाफ दर्ज मुकदमों में शामिल हैं—
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मुकदमा संख्या 110/2018, धारा 392/420 भादवि, थाना सैयदराजा, जनपद चंदौली
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मुकदमा संख्या 167/2025, धारा 109/131/351(2) बीएनएस, थाना सैयदराजा, जनपद चंदौली
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चंदौली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फरारी के दौरान आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और क्या उसे किसी स्तर पर मदद मिल रही थी।
इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि लंबे समय तक फरार रहकर कानून से बच निकलना आसान नहीं है। STF की लगातार निगरानी और तकनीकी सर्विलांस ने आखिरकार आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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