द्वारका जिला पुलिस की AATS टीम ने दिल्ली में हुई दो सनसनीखेज हथियारबंद लूट और कार जैकिंग की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को जम्मू-कश्मीर के कठुआ से गिरफ्तार किया है। 800 किलोमीटर लंबी इंटर-स्टेट पीछा कार्रवाई और 15 किलोमीटर की हाई-स्पीड चेज के बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।
द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दिल्ली में हुई दो सनसनीखेज हथियारबंद लूट और कार जैकिंग की वारदातों का खुलासा कर दिया है। करीब 800 किलोमीटर लंबी इंटर-स्टेट पीछा कार्रवाई, 10 दिनों तक लगातार चले ऑपरेशन और जम्मू-कश्मीर में 5 दिन की गुप्त निगरानी के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को कठुआ से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में दो मुख्य आरोपी शामिल हैं, जिन्होंने 25 अप्रैल 2026 को दिल्ली में एक घंटे के भीतर दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। तीसरे आरोपी को सहयोगी के रूप में पकड़ा गया है।
एक घंटे में दो हथियारबंद वारदातों से मची थी सनसनी
पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल को सबसे पहले विकासपुरी इलाके में हथियारबंद बदमाशों ने एक दुकानदार को गन पॉइंट पर लेकर उसकी दुकान से ₹15,000 लूट लिए। इस वारदात के तुरंत बाद उसी गैंग ने द्वारका नॉर्थ थाना क्षेत्र में वेगास मॉल के पास एक दंपति को निशाना बनाया और उनसे फोर्ड इकोस्पोर्ट कार गन पॉइंट पर लूट ली।
लगातार दो वारदातों से दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई और AATS द्वारका को मामले की जांच सौंपी गई। शुरुआती जांच में ही पुलिस को शक हो गया था कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गैंग का हाथ है।
तकनीकी निगरानी से जम्मू-कश्मीर तक पहुंची पुलिस
AATS द्वारका की टीम ने इंस्पेक्टर मनीष यादव के नेतृत्व में और ACP ऑपरेशन शुभाष मलिक की देखरेख में विशेष अभियान शुरू किया। पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग अतिरिक्त डीसीपी-I सुश्री निहारिका भट्ट द्वारा की जा रही थी।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, खुफिया जानकारी और कई राज्यों की पुलिस से समन्वय के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रैक करनी शुरू की। जांच में पता चला कि वारदात के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके।
करीब 800 किलोमीटर तक पीछा करते हुए पुलिस टीम आखिरकार जम्मू-कश्मीर पहुंची, जहां आरोपियों की लोकेशन कठुआ इलाके में मिली।
कश्मीर में 5 दिन तक चला ऑपरेशन
दिल्ली पुलिस की टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से लगातार 5 दिनों तक इलाके में गुप्त ऑपरेशन चलाया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महिंद्रा TUV वाहन में भागने की तैयारी में हैं।
07 मई 2026 को पुलिस ने कठुआ में आरोपियों को घेरने की कोशिश की, लेकिन आरोपी वाहन लेकर भाग निकले। इसके बाद करीब 15 किलोमीटर तक हाई-स्पीड चेज चली। आखिरकार पुलिस टीम ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है:
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साहिल, पुत्र बलराज कुमार, निवासी चरखी दादरी, हरियाणा, उम्र 28 वर्ष।
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अंसुल उर्फ गोलू, पुत्र श्याम सुंदर, निवासी चरखी दादरी, हरियाणा, उम्र 30 वर्ष।
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हिमांशु, निवासी रेवाड़ी, हरियाणा, उम्र 24 वर्ष (सहयोगी)।
पुलिस के अनुसार अंसुल उर्फ गोलू का संबंध कुख्यात नीतू डाबोदिया गैंग से भी बताया जा रहा है।
लूटी गई फोर्ड इकोस्पोर्ट बरामद
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने दंपति से लूटी गई फोर्ड इकोस्पोर्ट कार बरामद कर ली है। इसके अलावा आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही महिंद्रा TUV भी जब्त की गई है।
पुलिस अब मामले में अन्य सामान की बरामदगी और आरोपियों के अन्य आपराधिक मामलों में शामिल होने की जांच कर रही है।
पुलिस टीम की सराहना
द्वारका पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने AATS टीम की मेहनत, रणनीति और साहस की जमकर सराहना की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस की तकनीकी क्षमता, तेज कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय का बड़ा उदाहरण है।
लगातार 10 दिनों तक चले इस ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी दूर भाग जाएं, कानून के हाथ उनसे ज्यादा लंबे हैं।
मामले की जांच अभी जारी है।
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