उत्तर प्रदेश STF ने लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र से अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध अफीम तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य शाहीन आलम को 1.426 किलोग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 8.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय अफीम तस्करी गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 1.426 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 8.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई 07 मई 2026 की रात लखनऊ कमिश्नरेट के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में की गई। STF की टीम ने राधा स्वामी सत्संग आश्रम से लखनऊ की ओर माधवखेड़ा हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी बिहार का निवासी
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शाहीन आलम पुत्र अहमद शेख निवासी ग्राम नौतना, थाना शिकरपुर, जिला बेतिया, बिहार के रूप में हुई है।
STF के अनुसार आरोपी लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर अफीम की खरीद-फरोख्त और सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। आरोपी उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में अवैध अफीम की सप्लाई करता था।
8.50 लाख रुपये की अफीम बरामद
कार्रवाई के दौरान STF ने आरोपी के पास से कुल 1.426 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की। एजेंसियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 8.50 लाख रुपये आंकी गई है।
बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ थाना मोहनलालगंज, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 168/2026 के तहत धारा 8/18 NDPS एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
कई दिनों से STF के रडार पर था गिरोह
STF को पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक संगठित गिरोह बड़े पैमाने पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है।
इसी सूचना के आधार पर STF मुख्यालय लखनऊ के पुलिस उपाधीक्षक बृजेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में विशेष निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने का अभियान चलाया जा रहा था।
07 मई को निरीक्षक रायवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
इन अधिकारियों ने की कार्रवाई
इस ऑपरेशन में उप निरीक्षक अतुल चतुर्वेदी, उप निरीक्षक संजय पाल सिंह, उप निरीक्षक रवि सिंह, मुख्य आरक्षी वीरेन्द्र राघव, मुख्य आरक्षी राजीव कुमार, मुख्य आरक्षी श्रीराम सिंह, आरक्षी अमित तिवारी और आरक्षी अमर श्रीवास्तव शामिल रहे।
STF ने इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।
पूछताछ में आरोपी ने खोले कई राज
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में शाहीन आलम ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से अवैध रूप से अफीम खरीदने और बेचने का काम कर रहा था।
उसने बताया कि गिरोह के सदस्य विभिन्न स्थानों से अफीम खरीदकर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करते थे। सप्लाई का तरीका बेहद गोपनीय रखा जाता था ताकि पुलिस या एजेंसियों को भनक न लग सके।
आरोपी के मुताबिक,
“जिस व्यक्ति को अफीम देनी होती थी, उसके बारे में पहले से पूरी जानकारी नहीं दी जाती थी। जिस राज्य या जिले में माल पहुंचाना होता था, मैं वहां पहुंच जाता था और संबंधित व्यक्ति खुद संपर्क करता था। 6 से 7 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से सौदा होता था।”
उसने बताया कि पहचान और लेन-देन पूरी तरह गुप्त तरीके से किया जाता था और सीमित संपर्क रखा जाता था।
बढ़ती ड्रग तस्करी पर बड़ा सवाल
STF की इस कार्रवाई ने एक बार फिर उत्तर भारत में फैलते ड्रग नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा तक फैले इस नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी अब केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि संगठित अपराध का बड़ा माध्यम बन चुकी है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल STF और स्थानीय पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य नेटवर्क, सप्लायर और खरीदारों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े कई अन्य सदस्य भी विभिन्न राज्यों में सक्रिय हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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