बरेली पुलिस और एंटी करप्शन टीम की संयुक्त कार्रवाई में अंतर्राज्यीय स्तर पर अफीम तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 1.428 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 8.50 लाख रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने पंजाब से लेकर दिल्ली और उत्तराखंड तक फैले नेटवर्क का खुलासा किया है।
उत्तर प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच बरेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और एंटी करप्शन टीम की संयुक्त कार्रवाई में अंतर्राज्यीय स्तर पर अफीम की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 1.428 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 8.50 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासों ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्यों तक नशे की सप्लाई कर रहा था।
अंधी पुलिया के पास बिछाया गया जाल
पुलिस के अनुसार, बीते कई दिनों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय गिरोह के बारे में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम और पुलिस टीम को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक सं०यू०पू० मुख्यालय लखनऊ श्री दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में खुफिया जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी दौरान 6 मई 2026 को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि कुछ तस्कर बरेली के अशोका सुभाष नगर इलाके में अफीम की खेप लेकर पहुंचने वाले हैं।
सूचना के आधार पर उ0नि0 हरीश सिंह चौहान के नेतृत्व में मुंशी कृष्ण कांत शुक्ला, मुंशी सुनील यादव और कांस्टेबल राम सिंह यादव ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से अंधी पुलिया के पास घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—
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लाला राम पुत्र गुदड़े राम चन्द निवासी ग्राम भूणा, थाना भमौरा, जनपद बरेली
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तोफीक उर्फ मु० युनुस निवासी ग्राम भूणा, थाना भमौरा, जनपद बरेली
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रफेश पुत्र उडालन राम निवासी प्रेमराजपुर, थाना भमौरा, जनपद बरेली
तीनों आरोपी लंबे समय से अफीम की खरीद-फरोख्त के धंधे में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग राज्यों से अवैध रूप से अफीम खरीदते थे और फिर उसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में सप्लाई करते थे।
आरोपियों ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में वे आपस में मिलकर माल की खरीद, परिवहन और सप्लाई का काम संभालते थे। इससे होने वाले मुनाफे को भी बराबर बांट लिया जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह बेहद गुप्त तरीके से काम करता था। जिन लोगों को अफीम पहुंचाई जाती थी, उनकी पहचान पहले से स्पष्ट नहीं होती थी। आरोपी पंजाब के लुधियाना शहर स्थित सिविल चौक के पास पहुंचकर इंतजार करते थे, जहां ग्राहक खुद उनके पास आता था और सौदा तय होने के बाद माल लेकर चला जाता था।
गिरोह अफीम को सीलिंग रैप में पैक करता था ताकि पहचान छिपी रहे और लेन-देन पर किसी को शक न हो।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
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1.428 किलोग्राम अवैध अफीम
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तीन मोबाइल फोन
बरामद किए हैं।
इस मामले में थाना सुभाष नगर, बरेली में मु0अ0सं0 289/2026 के तहत धारा 8/18/60 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की जांच में जुटी है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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