यूपी एंटीटीएफ ने सुल्तानपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 15.20 कुंतल गांजा बरामद किया। अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी।
उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटीटीएफ (एंटी टास्क फोर्स) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 15.20 कुंतल गांजा बरामद करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई 14 अप्रैल 2026 को की गई, जब एंटीटीएफ को सूचना मिली कि उड़ीसा से एक बड़ी खेप उत्तर प्रदेश लाई जा रही है। इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए टीम ने सुल्तानपुर जनपद के थाना बंधुआकला क्षेत्र में जाल बिछाया और संदिग्ध ट्रक को पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नासिर (पुत्र अली हसन), निवासी मुजफ्फरनगर और अब्दुल्ला (पुत्र स्वर्गीय जय नारायण), निवासी लखनऊ के रूप में हुई है। दोनों ही आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, मौके से 14 पहिया ट्रक (नंबर UP 12 BT 8181), 15.20 कुंतल गांजा, 4150 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ट्रक में गांजा इस तरह छिपाकर रखा गया था कि पहली नजर में किसी को शक न हो, लेकिन टीम की सतर्कता और सटीक सूचना के चलते पूरा खेल उजागर हो गया।
इस ऑपरेशन को एंटीटीएफ लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव के निर्देशन में अंजाम दिया गया। टीम में उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्होंने इस कार्रवाई को सफल बनाया।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से एंटीटीएफ को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि विभिन्न राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ रही है। इसी के तहत अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया था और खुफिया जानकारी जुटाने का काम तेजी से चल रहा था।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर सुल्तानपुर सौरभ सन्नाम को मौके पर बुलाया गया और एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी में भारी मात्रा में गांजा मिलने के बाद दोनों आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में जो जानकारी सामने आई, उसने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। आरोपियों ने बताया कि वे एक बड़े गिरोह के लिए काम कर रहे थे, जिसका सरगना सत्येंद्र कुमार है। यह गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में गांजे की सप्लाई करता है।
आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्हें उड़ीसा भेजा गया था, जहां पहले से ट्रक में गांजा लोड किया गया था। उन्हें यह खेप लेकर उत्तर प्रदेश लानी थी, जिसके बदले में उन्हें 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।
इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस मामले में थाना बंधुआकला, सुल्तानपुर में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 08/20/29/60 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर इस तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि अगर सूचना सटीक हो और टीम सतर्क हो, तो बड़े से बड़ा नेटवर्क भी बेनकाब किया जा सकता है।
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