पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर छह बड़े वादे किए हैं। अमित शाह ने इसे बदलाव का रोडमैप बताते हुए घुसपैठ, भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दों पर बड़ा फोकस किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना बहुप्रतीक्षित संकल्प पत्र जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के होटल नोवोटेल में इस घोषणापत्र को लॉन्च किया, जिसे पार्टी ने “भरोसे का शपथ पत्र” नाम दिया है। इस मौके पर बीजेपी ने राज्य में बदलाव का बड़ा दावा करते हुए छह प्रमुख वादों के साथ चुनावी मैदान में अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी।
अमित शाह का हमला, 15 साल के शासन को बताया ‘कालरात्रि’
संकल्प पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के 15 साल के शासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ ममता बनर्जी को सत्ता सौंपी थी, लेकिन अब लोग निराश हैं और भय से मुक्ति चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि “ये 15 साल बंगाल के लिए कालरात्रि के समान रहे हैं। अब जनता परिवर्तन चाहती है और बीजेपी इस बदलाव का विकल्प बनकर सामने आई है।”
छह बड़े वादों पर बीजेपी का फोकस
बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में छह प्रमुख वादों को केंद्र में रखा है—
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बंगाल से भय का माहौल खत्म कर भरोसे का वातावरण बनाना
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सरकारी सिस्टम में जवाबदेही तय करना
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हर घोटाले और रेप केस की जांच कर दोषियों को जेल भेजना
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भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
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घुसपैठियों को राज्य से बाहर करना
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सातवां वेतन आयोग लागू करना
अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल के हर वर्ग—किसानों, युवाओं और महिलाओं—को नई दिशा देगा।

रोजगार, आर्थिक मदद और सामाजिक योजनाओं का वादा
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि—
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एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे
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बेरोजगार युवाओं को 3000 रुपये मासिक सहायता दी जाएगी
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मध्यम वर्ग और गरीबों को हर महीने 3000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे
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आयुष्मान भारत सहित केंद्र की सभी योजनाएं लागू की जाएंगी
इसके अलावा राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए 100 दिनों के भीतर रोडमैप पेश करने का भी वादा किया गया है।
महिलाओं और स्वास्थ्य के लिए विशेष घोषणाएं
महिलाओं को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने कई अहम घोषणाएं की हैं—
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राज्य संचालित बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा
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हर मंडल में महिला थाना
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पुलिस और अन्य नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण
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75 लाख “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य क्षेत्र में महिलाओं के लिए मुफ्त टीकाकरण, कैंसर स्क्रीनिंग और संस्थागत डिलीवरी को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
कानून व्यवस्था और घुसपैठ पर सख्ती का ऐलान
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में घुसपैठ और कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाया है।
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घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी
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घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा
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सीमाओं को सुरक्षित करने और गौ तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे
राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में आयोग बनाने का भी वादा किया गया है।

किसानों और उद्योग के लिए योजनाएं
कृषि क्षेत्र में बीजेपी ने धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल के दर से करने का वादा किया है। साथ ही आलू, आम और अन्य फसलों के लिए विशेष योजनाएं लाने की बात कही गई है।
औद्योगिक विकास के लिए—
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जूट उद्योग का आधुनिकीकरण
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चाय बागानों का पुनर्जीवन
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उत्तर बंगाल में एम्स, आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थान स्थापित करना
इसके अलावा “वंदे मातरम संग्रहालय” बनाने की भी घोषणा की गई है।
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर जोर
बीजेपी ने वादा किया है कि—
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खाली सरकारी पदों को पारदर्शिता के साथ भरा जाएगा
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टीएमसी सरकार के भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र जारी किया जाएगा
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कोयला और बालू माफिया के खिलाफ 100 दिनों में एक्शन प्लान लाया जाएगा
चुनावी मुकाबला और मतदान की तारीखें
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे।
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पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा
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दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे
वहीं टीएमसी ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में अपने 10 संकल्प जारी कर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
बीजेपी का यह संकल्प पत्र बंगाल की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है। जहां एक ओर पार्टी बदलाव और विकास का दावा कर रही है, वहीं टीएमसी अपने शासन के अनुभव के आधार पर जनता का समर्थन बनाए रखने की कोशिश में है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी का “भरोसे का शपथ पत्र” बंगाल की जनता को प्रभावित कर पाता है या नहीं।
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