उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। 166 दिनों के अभियान के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 13.39 करोड़ पहुंच गई है।
उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों को लेकर एक बड़ा और अहम अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर विस्तृत प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने अभियान से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए, जो चुनावी परिदृश्य में बड़े बदलाव की ओर संकेत करते हैं।
27 अक्टूबर से 10 अप्रैल तक चला मेगा अभियान
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 10 अप्रैल 2026 तक चला। कुल 166 दिनों तक चले इस अभियान में प्रदेश के 75 जिलों के अधिकारियों और 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
यह अभियान न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण रहा।
चरणबद्ध तरीके से पूरी हुई प्रक्रिया
इस अभियान की समय-सारणी को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया—
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घोषणा: 27 अक्टूबर 2025
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गणना चरण: 04 नवंबर से 26 दिसंबर 2025
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मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन: 06 जनवरी 2026
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दावा एवं आपत्ति अवधि: 06 जनवरी से 06 मार्च 2026
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नोटिस और निस्तारण: 06 जनवरी से 27 मार्च 2026
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अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 10 अप्रैल 2026
इस सुनियोजित प्रक्रिया ने पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की

मसौदा सूची से अंतिम सूची तक बड़ा बदलाव
06 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12,55,56,025 मतदाता थे।
इनमें—
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पुरुष: 6,88,43,159 (54.83%)
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महिला: 5,67,08,747 (45.17%)
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तृतीय लिंग: 4,119
18-19 आयु वर्ग के मतदाता केवल 3,33,981 (0.27%) थे, जबकि जेंडर रेशियो 824 था।
अंतिम सूची में 13.39 करोड़ से अधिक मतदाता
10 अप्रैल 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई।
इसमें—
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पुरुष: 7,30,71,061 (54.54%)
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महिला: 6,09,09,525 (45.46%)
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तृतीय लिंग: 4206
18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या बढ़कर 17,63,360 (1.32%) हो गई और जेंडर रेशियो भी सुधरकर 834 पहुंच गया।
84 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े
मसौदा से अंतिम सूची के बीच कुल 84,28,767 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई।
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पुरुष मतदाता: 42,27,902 की वृद्धि
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महिला मतदाता: 42,00,778 की वृद्धि
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तृतीय लिंग: 87 की वृद्धि
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18-19 आयु वर्ग: 14,29,379 की वृद्धि
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि युवाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता
राज्य में पांच जिलों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई—
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प्रयागराज: 3,29,421
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लखनऊ: 2,85,961
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बरेली: 2,57,920
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गाजियाबाद: 2,43,666
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जौनपुर: 2,37,590
वहीं विधानसभा स्तर पर साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे।
नोटिस और सुनवाई में रिकॉर्ड पारदर्शिता
अभियान के दौरान 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हो पाया, जबकि 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं।
इन सभी मामलों में शत-प्रतिशत नोटिस जारी किए गए और 27 मार्च 2026 तक सभी की सुनवाई पूरी कर ली गई।
महत्वपूर्ण बात यह रही कि बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया गया।

राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी
इस अभियान में राजनीतिक दलों की भी व्यापक भागीदारी रही।
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राज्य स्तर पर 5 बैठकें आयोजित हुईं
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जिला स्तर पर 3090 बैठकें की गईं
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5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों ने योगदान दिया
दावा एवं आपत्ति अवधि में चार विशेष अभियान दिवस भी आयोजित किए गए—11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी 2026।
शिकायत निस्तारण में यूपी नंबर वन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शिकायतों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा।
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1,08,529 शिकायतों में से 99.8% का समाधान
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‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ में 8,63,297 कॉल बुक
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97% मतदाताओं से संपर्क स्थापित
मतदाता हेल्पलाइन पर भी हजारों कॉल्स का समाधान किया गया।
सभी शिकायतों का हुआ समाधान
PGRS के तहत प्राप्त 431 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया।
वहीं राजनीतिक दलों से प्राप्त 107 ज्ञापनों में—
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समाजवादी पार्टी: 85
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भाजपा: 10
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कांग्रेस: 9
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बसपा, सीपीआई(एम), आम आदमी पार्टी: 1-1
सभी ज्ञापनों पर कार्रवाई की गई।
अपील की स्पष्ट व्यवस्था
यदि कोई व्यक्ति निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील कर सकता है।
इसके बाद भी असंतोष होने पर 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील का प्रावधान है।
उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 ने न केवल मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता की भागीदारी भी बढ़ाई है।
84 लाख से अधिक नए मतदाताओं का जुड़ना इस बात का संकेत है कि आने वाले चुनाव पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी और निर्णायक होंगे।
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