इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब को गिरफ्तार कर 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस उन्हें प्रदर्शन का मास्टरमाइंड मान रही है।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन ने अब कानूनी रूप ले लिया है। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से 7 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। पुलिस का कहना था कि मामले में बड़ी साजिश की आशंका है और अन्य आरोपी जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे अलग-अलग राज्यों में मौजूद हैं। उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने और पूरे प्लान की कड़ियां जोड़ने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है।
हालांकि, कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 7 दिन की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 4 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की। उदयभानु चिब को सुबह करीब 10 बजे कोर्ट में पेश किया गया था।
उदयभानु के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध किया। उनका कहना था कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग कर रहे थे और घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे, इसलिए गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं थी। बावजूद इसके, कोर्ट ने पुलिस को चार दिन की कस्टडी दे दी।
इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें उदयभानु चिब भी शामिल हैं। घटना वाले दिन ही चार अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था और उन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी दी गई थी।

घटना 20 फरवरी 2026 की है, जब नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन हो रहा था। इसी दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने इस प्रदर्शन को सार्वजनिक शांति भंग, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया है।
पुलिस का आरोप है कि उदयभानु चिब इस पूरे प्रदर्शन के ‘मास्टरमाइंड’ थे और उन्होंने इसके लिए लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब उनसे गहन पूछताछ कर प्रदर्शन की पूरी प्लानिंग और साजिश का खुलासा करने की कोशिश करेगी।
उधर, कांग्रेस ने इस कार्रवाई को ‘असंवैधानिक’ और ‘तानाशाही’ करार दिया है। इंडियन यूथ कांग्रेस के महासचिव शेष नारायण ओझा ने इसे ‘अंग्रेजों जैसा शासन’ बताया। पार्टी का कहना है कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उदयभानु चिब की पेशी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पटियाला हाउस कोर्ट परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए, जिससे वहां राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
अब अगले चार दिन इस मामले में अहम माने जा रहे हैं। पुलिस की पूछताछ से यह साफ हो सकेगा कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश।
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