दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स के जरिए महिलाओं को प्रेम और शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था। गिरोह में शामिल एक विदेशी नागरिक और उसकी लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से डेबिट कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन और पासपोर्ट बरामद किए गए हैं।
ऑनलाइन रिश्तों की दुनिया में भरोसे की तलाश कर रही महिलाओं को प्रेम और शादी के सपने दिखाकर ठगने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल ने एक विशेष अभियान के दौरान आइवरी कोस्ट के एक ओवरस्टे विदेशी नागरिक और उसकी लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों मिलकर मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स के जरिए महिलाओं को अपने जाल में फंसाते थे और फिर विभिन्न बहानों से उनसे पैसे ऐंठते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। विदेशी नागरिक ऑनलाइन महिलाओं से संपर्क करता था, उनके साथ भावनात्मक संबंध बनाता था और शादी का झांसा देकर विश्वास जीतता था। इसके बाद उनसे अलग-अलग कारणों का हवाला देकर पैसे मंगवाए जाते थे।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चल रहा था विशेष अभियान
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) के निर्देशन और ऑपरेशन सेल के एसीपी की निगरानी में एंटी नारकोटिक्स सेल लगातार साइबर अपराधियों पर नजर रख रही थी। पुलिस को सूचना मिल रही थी कि कुछ विदेशी नागरिक साइबर ठगी में शामिल हैं और फर्जी अथवा म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम निकाल रहे हैं।

इसी सूचना के आधार पर एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई। लगातार तकनीकी और भौतिक निगरानी के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर कार्रवाई की योजना बनाई गई।
उत्तम नगर में छापा, विदेशी नागरिक और महिला गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति उत्तम नगर के हस्तसाल विहार इलाके में रह रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने होली चौक के पास स्थित एक मकान पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान आइवरी कोस्ट के रहने वाले 36 वर्षीय कौआदियो विक्टर एनडा और उसकी लिव-इन पार्टनर 30 वर्षीय अनेई कोन्याक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि विदेशी नागरिक भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रह रहा था और उसके पास वैध प्रवास संबंधी दस्तावेज नहीं थे।
ATM से पैसा निकालती थी नागालैंड की महिला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह का संचालन बेहद चालाकी से किया जा रहा था। जांच में पता चला कि विदेशी नागरिकों पर शक न हो, इसके लिए ठगी से प्राप्त धनराशि निकालने का काम अनेई कोन्याक को सौंपा गया था।
अनेई विभिन्न एटीएम से रकम निकालती थी ताकि बैंकिंग गतिविधियों पर संदेह कम हो। इतना ही नहीं, वह कई बार उन लोगों से भी संपर्क करती थी जो इस साइबर ठगी का शिकार बने थे। इससे गिरोह को अपनी पहचान छिपाने में मदद मिलती थी।

बरामद हुए डेबिट कार्ड, लैपटॉप और मोबाइल फोन
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार डेबिट कार्ड, एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और एक पासपोर्ट बरामद किया है।
बरामद डेबिट कार्डों की जांच जब पुलिस ने साइबर अपराध विश्लेषण पोर्टल पर की तो कई अहम खुलासे हुए। एक डेबिट कार्ड का संबंध असम के डिब्रूगढ़ जिले के चाबुआ थाना क्षेत्र में दर्ज साइबर शिकायत से पाया गया।
इसके अलावा मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और डेटा विश्लेषण के दौरान कई बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनका उपयोग संदिग्ध लेन-देन के लिए किया जा रहा था। जांच में एक अन्य साइबर शिकायत का भी संबंध इन बैंक खातों से पाया गया।
मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए बनाया जाता था शिकार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विशेष रूप से मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर सक्रिय रहते थे। वे खुद को सफल कारोबारी, विदेशी नागरिक या उच्च आय वर्ग का व्यक्ति बताकर महिलाओं से संपर्क स्थापित करते थे।
कुछ समय तक लगातार बातचीत कर उनका विश्वास जीता जाता था। इसके बाद शादी, उपहार भेजने, कस्टम क्लियरेंस, मेडिकल इमरजेंसी या अन्य बहानों से पैसों की मांग की जाती थी। भावनात्मक रूप से जुड़ चुकी कई महिलाएं इस जाल में फंस जाती थीं और बड़ी रकम ट्रांसफर कर देती थीं।

साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी किसी बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। मोबाइल फोन और लैपटॉप से मिले डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है। संभावना है कि जांच में और भी कई राज्यों तथा पीड़ितों के नाम सामने आ सकते हैं।
दर्ज हुआ मामला, आगे की जांच जारी
इस मामले में उत्तम नगर थाना क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा इमिग्रेशन एवं फॉरेनर एक्ट 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनेई कोन्याक निवासी तिजित, नागालैंड तथा कौआदियो विक्टर एनडा निवासी आबिदजान, आइवरी कोस्ट के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया है।
हालांकि, बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स या सोशल मीडिया पर बने नए रिश्तों में जल्दबाजी में भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसों की मांग किए जाने पर उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें।
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