उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान में मसालों, अचार-सॉस और दूध-दुग्ध उत्पादों की जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अभियान के दौरान हजारों नमूने एकत्र किए गए, करोड़ों रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और बड़ी मात्रा में मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त सामग्री नष्ट कराई गई। कई प्रतिष्ठानों पर सीलिंग, लाइसेंस निलंबन और अन्य सख्त कार्रवाई भी की गई।
अगर आप बाजार से मसाले, अचार, सॉस, दूध, पनीर या घी खरीदते हैं, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है। उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जून माह में चलाए गए प्रदेशव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
11 जून से 20 जून 2026 के बीच तीन चरणों में चलाए गए इस विशेष अभियान में मसालों, अचार-सॉस और दूध-दुग्ध उत्पादों की व्यापक जांच की गई। अभियान के दौरान हजारों नमूने एकत्र किए गए, करोड़ों रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और बड़ी मात्रा में मानव उपयोग के लिए अनुपयुक्त खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।

11 से 12 जून तक खुले एवं पैक्ड मसालों, साबुत और पिसे मसालों की जांच के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया गया।
इस दौरान विभिन्न निर्माण इकाइयों, गोदामों और थोक प्रतिष्ठानों से कुल 813 नमूने एकत्र कर प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए। साथ ही 283.5 क्विंटल मसाले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 50.23 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अतिरिक्त 41.24 क्विंटल ऐसे मसाले नष्ट कराए गए जो अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखे गए थे और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 10.46 लाख रुपये थी।
लखनऊ में स्पाइस क्राफ्ट फार्म प्रोड्यूसर कंपनी से 33.39 क्विंटल कालातीत मसाले सीज किए गए। वहीं सहादतगंज स्थित एक इकाई में मसालों में रंग मिलाने का मामला सामने आया, जहां धनिया और मिर्च पाउडर सहित 864 किलोग्राम मसाले जब्त किए गए।

कानपुर देहात में बोली लाइन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड से 6,260 किलोग्राम मिर्च पाउडर सीज किया गया जिसकी कीमत लगभग 13 लाख रुपये आंकी गई। मिर्जापुर में बिना लाइसेंस संचालित RL स्पाइस यूनिट को बंद करा दिया गया।
15 से 16 जून के बीच विभाग ने अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनिज और चटनी जैसे उत्पादों की जांच के लिए दूसरा विशेष अभियान चलाया।
इस दौरान 337 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और कुल 550 नमूने जांच के लिए भेजे गए। कार्रवाई के दौरान 195.5 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए जिनकी कीमत लगभग 17.06 लाख रुपये थी।
इसके अलावा 171.8 क्विंटल खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया, जिनकी कीमत लगभग 11.86 लाख रुपये आंकी गई।

लखनऊ की नील फूड इंडस्ट्रीज में 458 किलोग्राम कालातीत सॉस सीज किया गया। वहीं बाबा फूड प्रोडक्ट्स बिना लाइसेंस संचालित पाई गई, जिसे तत्काल बंद करा दिया गया।
कानपुर नगर में विशाल भारत इंडस्ट्रीज की इकाई को सील किया गया और वहां से 8,600 लीटर कालातीत सॉस नष्ट कराया गया, जिसकी कीमत लगभग 23.22 लाख रुपये बताई गई।
गाजियाबाद में राहुल अचार वाले प्रतिष्ठान से 2,400 किलोग्राम दूषित अचार नष्ट कराया गया। हाथरस, मुजफ्फरनगर, बागपत और गोरखपुर में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए खराब और मानकविहीन खाद्य पदार्थ नष्ट किए गए।
दूध और डेयरी उत्पादों पर सबसे बड़ी कार्रवाई
18 से 20 जून के बीच अभियान के तीसरे चरण में दूध, पनीर, खोया, दही, घी और स्किम्ड मिल्क पाउडर सहित विभिन्न डेयरी उत्पादों की जांच की गई।
यह अभियान सबसे व्यापक और प्रभावशाली साबित हुआ। प्रदेशभर में 489 छापेमारी की गई और कुल 658 नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजे गए।
कार्रवाई के दौरान 1,398.42 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 9.72 करोड़ रुपये है। वहीं 122.888 क्विंटल खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए जिनकी कीमत लगभग 21.85 लाख रुपये बताई गई।

सबसे बड़ी कार्रवाई कानपुर देहात में हुई, जहां भोले बाबा मिल्क फूड्स इंडस्ट्रीज में लेबलिंग और पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन पर 1,31,175 किलोग्राम घी सीज किया गया। जब्त घी की अनुमानित कीमत 9.45 करोड़ रुपये बताई गई है।
आगरा में कैंट रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में पड़े 4,000 किलोग्राम खोए को अस्वच्छ पाए जाने पर नष्ट कराया गया। फिरोजाबाद में पनीर और संदिग्ध घी जब्त किया गया।
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में भी कार्रवाई
गौतमबुद्ध नगर में चौहान डेयरी और चौधरी डेयरी से पनीर के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान 300 किलोग्राम पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित पाया गया, जिसे नष्ट करा दिया गया।
गाजियाबाद में मदर्स डेयरी फ्रूट एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड से घी के नमूने लिए गए और 90 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया गया। इसके अलावा 3,450 किलोग्राम खाद्य सहयोज्य सामग्री भी जब्त की गई।
मथुरा की कालिंदी डेयरी में 1,200 किलोग्राम पनीर और 3,000 लीटर मिलावटी दूध नष्ट कराया गया। गंभीर अनियमितताओं के चलते डेयरी का लाइसेंस निलंबित कर उत्पादन कार्य बंद करा दिया गया।

मेरठ, अमरोहा और मुजफ्फरनगर में भी घी, मावा और स्किम्ड मिल्क पाउडर से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई।
छोटे कारोबारियों को परेशान न करने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान छोटे और खुदरा व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं किया जाए। कार्रवाई केवल उन कारोबारियों पर केंद्रित रहे जो मिलावट, मानकों के उल्लंघन और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
विभाग का कहना है कि प्रयोगशालाओं में भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार और खाद्य विभाग ने साफ संकेत दिया है कि मिलावटखोरी, नकली खाद्य पदार्थों और अस्वास्थ्यकर उत्पादन इकाइयों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से समझौता करने वालों के लिए आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई की संभावना है।
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