चैत्र नवरात्रि के बीच गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन। कुलेसरा में छापेमारी के दौरान 400 किलो कुट्टू आटा सीज, कई प्रतिष्ठानों से 7 सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होते ही जहां एक ओर घर-घर में व्रत और पूजा की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य अधिकारियों की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं, ताकि जनपदवासियों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
इसी क्रम में चल रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जांच कर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर रहे हैं और उन्हें प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले व्रत के खाद्य पदार्थ गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।
अभियान के दौरान सबसे बड़ा मामला ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा क्षेत्र से सामने आया है। यहां खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने संतोष ट्रेडर्स पर छापेमारी की। जांच के दौरान 240 किलोग्राम कुट्टू का आटा खुला हुआ पाया गया, जिसका कोई बिल-बाउचर उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं, उस पर निर्माण तिथि का भी कोई उल्लेख नहीं मिला। इसके अलावा 250 ग्राम के 244 पैकेट भी बरामद किए गए, जिन पर न तो बैच नंबर अंकित था और न ही निर्माण तिथि दी गई थी।

टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए नमूने एकत्र किए और लगभग 238 किलोग्राम खुला आटा तथा 240 पैकेट कुट्टू आटा सीज कर दिया। यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। इसी टीम ने कुलेसरा स्थित मुस्कान ट्रेडर्स पर भी छापा मारा, जहां 70 किलोग्राम कुट्टू आटा खुला पाया गया। यहां भी बिल-बाउचर और निर्माण तिथि का अभाव था। साथ ही 250 ग्राम के 145 पैकेट ऐसे पाए गए, जिन पर आवश्यक जानकारी अंकित नहीं थी।
जांच के बाद इनसे भी नमूने लिए गए और करीब 70 किलोग्राम खुला आटा तथा 141 पैकेट सीज कर दिए गए। इस प्रकार एक ही दिन में लगभग 400 किलोग्राम कुट्टू आटा जब्त किया गया, जो खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा था।
इसके अलावा अन्य टीमों ने भी विभिन्न स्थानों पर जांच अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और एसके पांडेय की टीम ने सेक्टर-49 नोएडा स्थित श्री श्याम डीएसबी फुलफिलमेंट सॉल्यूशन से कुट्टू और सिंघाड़े के आटे के नमूने लिए। वहीं, रविंद्र नाथ वर्मा और मालती की टीम ने कासना के यूनिवर्सिटी रोड स्थित रघुनाथ प्रसाद किराना से किशमिश का नमूना संग्रहित किया। इस प्रकार कुल 7 नमूने एकत्र कर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि सभी खाद्य सामग्री विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल लाइसेंसी और पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही सामान खरीदें। साथ ही हर खरीद का बिल अवश्य लें और यह सुनिश्चित करें कि उत्पाद पर निर्माण तिथि और बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो। बिना इन जानकारियों वाले उत्पादों की बिक्री पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है।
नवरात्रि जैसे धार्मिक अवसर पर कुट्टू और सिंघाड़े का आटा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई न की जाए, तो मिलावटी या संदिग्ध खाद्य पदार्थ सीधे उपभोक्ताओं की थाली तक पहुंच सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन सतर्क है और आगे भी इसी प्रकार के अभियान जारी रखने की बात कही गई है। लेकिन यह भी जरूरी है कि उपभोक्ता स्वयं जागरूक रहें और किसी भी खाद्य सामग्री को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और पैकेजिंग की जानकारी अवश्य जांचें।
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