मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के असर के बीच भारत में एलपीजी संकट गहराता दिख रहा है। Mumbai, Bhopal, Moradabad और Raipur समेत कई शहरों में प्रशासन ने छापेमारी कर हजारों गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
देश में एलपीजी सिलेंडर को लेकर अचानक बढ़ती मांग और मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के असर के बीच गैस संकट की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। एक ओर जहां आम लोग गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमाखोर बड़ी मात्रा में एलपीजी सिलेंडर छिपाकर महंगे दामों पर बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए देशभर में जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कई राज्यों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने छापेमारी कर हजारों सिलेंडर बरामद किए हैं।

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है और इसका प्रभाव भारत में भी देखने को मिल रहा है। हालांकि केंद्र सरकार लगातार लोगों से पैनिक बुकिंग से बचने की अपील कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग सुबह से लाइन में लगकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई बार शाम तक भी उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है।
भोपाल में बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बंद पड़ी गैस एजेंसी से भारी मात्रा में एलपीजी सिलेंडर बरामद किए हैं। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने यहां से कुल 668 सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा जांच के दौरान 1574 सिलेंडर ऐसे मिले जो रजिस्टर में दर्ज नहीं थे।
अधिकारियों के अनुसार मौके पर तीन ट्रक सिलेंडर भी पाए गए। आरोप है कि बंद पड़ी एजेंसी संकट के समय महंगे दामों पर गैस सिलेंडर बेच रही थी।

मुंबई में भी छापेमारी
देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में भी एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। यहां वर्ली इलाके में प्रशासन ने छापेमारी कर घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए।
रेड के दौरान 5 किलो के 6 भरे सिलेंडर और 58 खाली सिलेंडर बरामद किए गए। अधिकारियों का आरोप है कि यहां अवैध तरीके से सिलेंडर भरकर बाजार में बेचे जा रहे थे।
एलपीजी संकट का असर शहर के रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ा है। कई बड़े रेस्टोरेंट्स को फिलहाल बंद करना पड़ा है, जबकि कुछ जगहों पर कोयले और लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट
Uttar Pradesh में भी गैस संकट को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश के बाद कई जिलों में गैस एजेंसियों की जांच शुरू की गई है।
Moradabad में जिलापूर्ति अधिकारी ने गैस एजेंसी पर छापेमारी की। एजेंसी के खिलाफ गैस बुकिंग और डिलीवरी में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर प्रशासन ने गैस गोदाम को सील कर दिया।
वहीं Noida में भी लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोग सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लगे दिखाई दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में 741 सिलेंडर जब्त
Chhattisgarh में भी प्रशासन ने जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य में अलग-अलग जिलों में 102 स्थानों पर छापेमारी की गई।
इस दौरान कुल 741 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। सबसे ज्यादा कार्रवाई Raipur में हुई, जहां से 392 सिलेंडर बरामद किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण गैस गोदामों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।

सरकार की सख्त चेतावनी
सरकार ने साफ कहा है कि आपदा के समय अवसर तलाशने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल प्रशासन की टीमों की नजर पूरे देश में गैस आपूर्ति व्यवस्था पर बनी हुई है ताकि आम लोगों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके।
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