गौतमबुद्धनगर में आबकारी विभाग ने बुधवार को बड़े स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाते हुए शराब दुकानों और बारों पर अचानक छापेमारी की। देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापनों की गहन जांच की गई। इस दौरान दुकानों पर गोपनीय टेस्ट परचेज कर नियमों की पड़ताल की गई और CCTV व POS मशीनों के संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए।
जनपद गौतमबुद्धनगर में बुधवार को शराब कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में उस समय हड़कंप मच गया, जब आबकारी विभाग की टीमों ने अचानक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए जिलेभर में स्थित शराब दुकानों, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बारों पर आकस्मिक निरीक्षण शुरू कर दिया। देर शाम तक चले इस अभियान में कई दुकानों और बार अनुज्ञापनों की बारीकी से जांच की गई, जबकि विभागीय अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से टेस्ट परचेज कर बिक्री व्यवस्था और नियमों के पालन की भी पड़ताल की।
यह विशेष अभियान आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश पर चलाया गया। अभियान का संचालन जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में किया गया, जबकि पूरे अभियान की निगरानी जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर द्वारा की गई। विभाग का मुख्य उद्देश्य शराब बिक्री से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना था।
जानकारी के अनुसार, जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात आबकारी निरीक्षकों की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर देशी शराब की दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार लाइसेंसधारकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड, लाइसेंस संबंधी दस्तावेज, सुरक्षा व्यवस्था और ग्राहकों को दी जा रही सुविधाओं की जांच की गई।
सबसे खास बात यह रही कि विभाग ने इस बार केवल औपचारिक निरीक्षण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दुकानों पर “गोपनीय टेस्ट परचेज” भी करवाया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, टेस्ट परचेज का उद्देश्य यह जांचना था कि दुकानों पर शराब की बिक्री निर्धारित नियमों के तहत की जा रही है या नहीं। यह भी देखा गया कि ग्राहकों को निर्धारित मूल्य पर शराब उपलब्ध कराई जा रही है या कहीं अतिरिक्त वसूली तो नहीं हो रही।

आबकारी विभाग की टीमों ने शराब दुकानों के साथ-साथ उनसे जुड़ी कैंटीनों की भी गहनता से जांच की। कई स्थानों पर बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप संचालन को लेकर निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन न हो।
निरीक्षण के दौरान विभाग ने शराब दुकानों पर लगाए गए CCTV कैमरों की भी जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी दुकानों पर CCTV रिकॉर्डिंग रियल टाइम मोड में लगातार संचालित रहनी चाहिए। विभाग का मानना है कि CCTV निगरानी व्यवस्था शराब बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा POS मशीनों के जरिए 100 प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने को लेकर भी आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान कई लाइसेंसधारकों और विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि सभी बिक्री POS मशीन के माध्यम से ही की जाए, ताकि नकद लेनदेन में पारदर्शिता बनी रहे और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध हो सके।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि POS मशीनों के जरिए बिक्री होने से अवैध शराब कारोबार, टैक्स चोरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है। साथ ही इससे ग्राहकों को भी निर्धारित मूल्य पर शराब उपलब्ध कराने में पारदर्शिता आती है।
जनपद में चलाए गए इस विशेष अभियान को शराब कारोबार से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। आबकारी विभाग अब केवल कागजी जांच तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जमीनी स्तर पर नियमों के अनुपालन को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।
सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में भी जिलेभर में इसी प्रकार आकस्मिक निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे। विभाग विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है, जहां अवैध शराब बिक्री, ओवररेटिंग या नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

आबकारी विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों और लाइसेंसधारकों के खिलाफ भविष्य में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी दुकान या बार में अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ लाइसेंस निलंबन, जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में शराब कारोबार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विभागीय निगरानी और प्रवर्तन अभियान की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। आबकारी विभाग का यह अभियान न केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि इससे शराब कारोबार में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की भी कोशिश दिखाई दे रही है।
फिलहाल जिलेभर में हुई इस अचानक छापेमारी और जांच अभियान के बाद शराब कारोबारियों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में विभाग की कार्रवाई और कितनी सख्त होती है।
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