गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग ने विशेष अभियान चलाकर शराब दुकानों, बार और कैंटीन की आकस्मिक जांच की। गुप्त टेस्ट परचेस के जरिए ओवररेटिंग पर सख्ती दिखाई गई।
गौतमबुद्ध नगर जनपद में 16 मार्च 2026 को आबकारी विभाग द्वारा चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान ने शराब कारोबार से जुड़े लाइसेंसधारियों के बीच हलचल मचा दी। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार यह कार्रवाई ज़िलाधिकारी और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर के निर्देशन में की गई, जिसकी निगरानी ज़िला आबकारी अधिकारी द्वारा की गई।
इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित देशी शराब की दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप तथा बार अनुज्ञापनों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की खास बात यह रही कि यह पूरी तरह अचानक और गोपनीय तरीके से किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता तुरंत सामने आ सके।
अभियान के दौरान आबकारी निरीक्षकों ने न केवल दुकानों की भौतिक स्थिति की जांच की, बल्कि वहां संचालित गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी। विशेष रूप से कैंटीनों की गहनता से चेकिंग की गई, जहां अक्सर नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिलती रही हैं।

सबसे ज्यादा ध्यान ओवररेटिंग पर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक पर किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी को सुनिश्चित करने के लिए टीमों ने गोपनीय रूप से “टेस्ट परचेस” कराए। इस प्रक्रिया में अधिकारियों ने आम ग्राहकों की तरह दुकानों से शराब खरीदकर यह जांचा कि कहीं उनसे अधिक कीमत तो नहीं वसूली जा रही।
इस कदम से कई दुकानदारों में घबराहट देखी गई, क्योंकि उन्हें पहले से इस जांच की भनक तक नहीं थी। हालांकि, विभाग के अनुसार अधिकांश दुकानों पर नियमों का पालन पाया गया, लेकिन जहां कहीं भी मामूली अनियमितताएं दिखीं, वहां तुरंत चेतावनी दी गई।
तकनीकी निगरानी को भी इस अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया। सभी दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को रियल टाइम में संचालित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ कहा कि कैमरे केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि सक्रिय निगरानी के लिए होने चाहिए।

इसके अलावा, POS मशीनों के माध्यम से 100 प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। विभाग का मानना है कि डिजिटल लेनदेन से पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व की हानि पर अंकुश लगेगा। सभी अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए कि वे हर बिक्री POS मशीन के जरिए ही करें।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे ऑपरेशन ने यह संदेश साफ तौर पर दे दिया है कि जनपद में शराब बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर अब कोई ढील नहीं दी जाएगी। विभाग की सख्ती और गोपनीय जांच प्रणाली ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में ऐसे अभियानों की संख्या और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं।
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